अयोध्या के गणेश मंदिर में 11 अप्रैल को ध्वजारोहण, ट्रस्ट ने की पूरी तैयारी
सारांश
Key Takeaways
- गणेश मंदिर पर ध्वजारोहण 11 अप्रैल को होगा।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति की संभावना।
- परिसर में कुल ८ एकड़ भूमि है।
- सहायक मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पहले ही हो चुका है।
- धार्मिक संरचनाओं को पूर्ण रूप से स्थापित किया जा रहा है।
अयोध्या, १० अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में एक और धार्मिक आयोजन की तैयारी की जा रही है। ११ अप्रैल को परिसर के दक्षिण-पूर्वी कोने में स्थित गणेश मंदिर पर धर्म ध्वज (झंडा) फहराया जाएगा। यह कार्यक्रम उन आयोजनों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें धीरे-धीरे परिसर के विभिन्न मंदिरों पर ध्वजारोहण किया जा रहा है।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने कहा कि यह आयोजन बेहद खास होगा। इस दिन केवल ध्वजारोहण ही नहीं बल्कि निर्माण कार्य में योगदान देने वालों को भी सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की संभावना है, साथ ही लार्सन एंड टुब्रो (एलटी) और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (टीसीई) जैसे प्रमुख निर्माण संस्थानों के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
राम मंदिर परिसर केवल मुख्य मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके चारों ओर एक विशाल परकोटा बनाया गया है, जिसकी लंबाई लगभग ७३२ मीटर है और क्षेत्रफल ८ एकड़ है। इस परकोटे के विभिन्न कोनों में भगवान शिव, गणेश, दुर्गा, अन्नपूर्णा, सूर्य और हनुमान जी के मंदिर स्थापित किए गए हैं। इन सहायक मंदिरों को मुख्य मंदिर के साथ ही धार्मिक रूप से प्रतिष्ठित किया गया है।
पिछले साल ५ जून को इन सहायक मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाग लिया था। उसी समय रामलला के मुख्य मंदिर के साथ-साथ राम परिवार की स्थापना भी की गई थी। अब धीरे-धीरे इन सभी मंदिरों में अंतिम धार्मिक सजावट और प्रतीकात्मक कार्य पूरे किए जा रहे हैं, जिसमें शिखर पर कलश और ध्वजदंड लगाना शामिल है।
इसी क्रम में अब गणेश मंदिर पर ध्वजारोहण किया जाएगा। यह कार्य वैशाख कृष्ण नवमी के दिन निर्धारित किया गया है। ट्रस्ट के अनुसार, यह प्रक्रिया सभी मंदिरों में क्रमशः पूरी की जाएगी, ताकि पूरे परिसर में सभी धार्मिक संरचनाएं पूर्ण मानी जा सकें।