क्या हर बीमारी का इलाज है आयुर्वेदिक औषधीय गोंद? जानें कब किसका करें सेवन

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क्या हर बीमारी का इलाज है आयुर्वेदिक औषधीय गोंद? जानें कब किसका करें सेवन

सारांश

आयुर्वेदिक औषधीय गोंद विभिन्न पेड़-पौधों से प्राप्त होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। जानें कैसे ये गोंद शरीर की समस्याओं से निपटने में मदद कर सकते हैं।

Key Takeaways

  • औषधीय गोंद प्राकृतिक स्वास्थ्य लाभ के लिए उपयुक्त हैं।
  • हर गोंद का अपना विशेष उपयोग होता है।
  • इनका सेवन सही मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह से करना चाहिए।
  • आयुर्वेद में गोंद का उपयोग एक प्राचीन और प्रभावी पद्धति है।
  • स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए आयुर्वेदिक उपाय प्रभावी हो सकते हैं।

नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। औषधीय गोंद एक प्राकृतिक रेजिन है, जो विभिन्न पेड़-पौधों से प्राप्त होता है। इसे आयुर्वेद और हर्बल दवाओं में सदियों से प्रयोग किया जा रहा है। यह शरीर की अनेक समस्याओं को दूर करने में सहायक है, और इसके सही उपयोग से स्वास्थ्य में सुधार होता है। विभिन्न प्रकार के गोंद अलग-अलग बीमारियों के लिए उपयुक्त होते हैं, जैसे कि शरीर की कमजोरी, पाचन, हड्डियों की ताकत, त्वचा और इम्यूनिटी में सुधार करना।

पहले हम कतीरा गोंद की बात करें। यह गर्मी से होने वाली कमजोरी, पेशाब की जलन और कब्ज के लिए अत्यंत फायदेमंद है, और यह शरीर की गर्मी को ठंडा करता है।

बबूल गोंद हड्डियों को मजबूत बनाता है, महिलाओं में प्रसव के बाद कमजोरी को दूर करता है, और कमर या जोड़ों के दर्द में राहत प्रदान करता है। गोंदनी या करया गोंद कब्ज में लाभकारी होता है, मोटापे को कम करने में मदद करता है और पाचन को बेहतर बनाता है।

धावडा गोंद शरीर को शक्ति प्रदान करता है, घाव भरने में मदद करता है और ऊर्जा बढ़ाता है। मोरिंगा या सहजन गोंद हड्डियों की कमजोरी को दूर करता है, इम्यूनिटी को बढ़ाता है और थकान को कम करता है। आम का गोंद पेट के रोग, दस्त और कमजोरी में सहायक है। नीम का गोंद त्वचा के रोग, खून साफ करने और फोड़े-फुंसी में लाभकारी है।

पीपल का गोंद खांसी, दमा और गले की समस्याओं के लिए उपयोगी है। बरगद का गोंद महिलाओं की सफेद पानी की समस्या, कमजोरी और रक्तस्राव रोकने में मदद करता है। बेल का गोंद दस्त, पेचिश और पेट की गर्मी को कम करता है। गुग्गुल गोंद जोड़ों के दर्द, गठिया और मोटापे में लाभकारी है, और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। लोबान गोंद मानसिक शांति और सिरदर्द में राहत प्रदान करता है।

राल गोंद घाव भरने, त्वचा रोग और सूजन में सहायक है। शल्लकी गोंद आर्थराइटिस, जोड़ों की सूजन और मांसपेशियों के दर्द में उपयोगी है। हींग का गोंद गैस, अपच और पेट दर्द के लिए लाभकारी है। अर्जुन का गोंद हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और दिल की कमजोरी में सहायक है। अशोक का गोंद स्त्री रोग, अनियमित मासिक धर्म और अधिक रक्तस्राव में मदद करता है।

इसके अतिरिक्त, साल गोंद घाव, सूजन और त्वचा की समस्या में लाभकारी है। खैर का गोंद मुंह के छाले, दस्त और रक्त बहने में सहायता करता है। इमली का गोंद पेट की गर्मी को कम करता है, कब्ज में मदद करता है और पाचन को सुधारता है।

प्रत्येक गोंद का अपना विशेष लाभ है। यदि इन्हें सही मात्रा में उपयोग किया जाए, तो ये शरीर की कई समस्याओं को दूर कर सकते हैं। लेकिन इन औषधीय गोंदों का उपयोग अपने आहार या उपचार में शामिल करने से पहले योग्य आयुर्वेदाचार्य से परामर्श लेना आवश्यक है।

Point of View

मैं यह मानता हूँ कि आयुर्वेद के गोंद का उपयोग एक प्राचीन परंपरा है, जो आज भी हमारे स्वास्थ्य के लिए अति महत्वपूर्ण है। इन औषधियों का सही ज्ञान और उपयोग हमारे जीवन को बेहतर बना सकता है।
NationPress
20/01/2026

Frequently Asked Questions

औषधीय गोंद के क्या लाभ हैं?
औषधीय गोंद हड्डियों की ताकत, इम्यूनिटी और पाचन में सुधार करते हैं।
क्या आयुर्वेदिक गोंद का सेवन सभी के लिए सुरक्षित है?
हां, लेकिन इसे उचित मात्रा और विशेषज्ञ की सलाह से ही सेवन करना चाहिए।
कितने प्रकार के औषधीय गोंद होते हैं?
अनेक प्रकार के औषधीय गोंद हैं, जैसे कतीरा, बबूल, मोरिंगा और अन्य।
गोंद का सेवन करने का सही समय क्या है?
इसके सेवन का समय बीमारी के अनुसार भिन्न हो सकता है, इसलिए विशेषज्ञ से परामर्श करना जरूरी है।
क्या आयुर्वेदिक गोंद का सेवन वजन कम करने में मदद करता है?
हां, कुछ गोंद जैसे करया गोंद वजन कम करने में सहायक होते हैं।
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