क्या आयुष मंत्रालय 28 जनवरी को नई दिल्ली में आयुष निर्यात संवर्धन परिषद और जेप्टो के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर करेगा?
सारांश
Key Takeaways
- आयुष मंत्रालय और जेप्टो के बीच एमओयू का आयोजन
- प्रामाणिक आयुष उत्पादों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म
- उपभोक्ता विश्वास और डिजिटल पहुंच को बढ़ावा
- आयुष गुणवत्ता चिह्न का अनुपालन
- व्यापार सुगमता और मेक इन इंडिया का समर्थन
नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आयुष मंत्रालय 28 जनवरी को नई दिल्ली में आयुष निर्यात संवर्धन परिषद (आयुषएक्सिल) और जेप्टो लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया का आयोजन करेगा। इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य सत्यापित ऑनलाइन चैनलों के माध्यम से प्रमाणित आयुष औषधियों और स्वास्थ्य उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक सुव्यवस्थित डिजिटल ढांचा विकसित करना है।
हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव करेंगे, और इस अवसर पर आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा भी उपस्थित रहेंगे। समझौते पर हस्ताक्षर आयुषएक्सिल के अध्यक्ष अनुराग शर्मा और जेप्टो के सह-संस्थापक कैवल्य वोहरा द्वारा किए जाएंगे।
यह सहयोग पारंपरिक भारतीय स्वास्थ्य प्रणालियों को आधुनिक त्वरित वाणिज्य पारिस्थितिकी तंत्र के साथ एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आयुष क्षेत्र की डिजिटल पहुंच, उपभोक्ता विश्वास और बाजार तक पहुंच मजबूत होगी।
समझौता ज्ञापन की मुख्य विशेषताएं: जेप्टो पर एक समर्पित आयुष स्टोर फ्रंट का निर्माण, जिससे उपभोक्ता प्रामाणिक आयुष उत्पादों तक आसानी से पहुंच सकें। प्रमाणित मानकों एवं प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए आयुष गुणवत्ता चिह्न (एक्यूएम) के अनुपालन को बढ़ावा देना। आयुषएक्सिल द्वारा डिजिटल ऑनबोर्डिंग के लिए पात्र आयुष निर्माताओं, विशेष रूप से एमएसएमई की पहचान करना। आयुष उत्पादों की प्रामाणिक जानकारी और जिम्मेदार उपयोग पर केंद्रित संयुक्त उपभोक्ता जागरूकता पहल। आयुष प्रणालियों के बारे में विश्वसनीय शैक्षिक सामग्री पर सहयोग, जो आयुषएक्सिल द्वारा मान्य होगी तथा जेप्टो के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।
इस पहल से आयुष उद्यमियों को भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल बाजार का लाभ उठाने में मदद मिलेगी, साथ ही इससे देशभर के उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और गुणवत्ता-सुनिश्चित उत्पादों तक पहुंच सुनिश्चित होगी। यह समझौता ज्ञापन आयुष को वैश्विक स्वास्थ्य एवं कल्याण प्रणाली के रूप में स्थापित करने के मंत्रालय के व्यापक विजन का समर्थन करता है तथा डिजिटल इंडिया, कारोबार सुगमता और मेक इन इंडिया पहलों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।