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क्या बंगाल में एसआईआर पर सुनवाई की निगरानी के लिए 294 वरिष्ठ माइक्रो-ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं?

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क्या बंगाल में एसआईआर पर सुनवाई की निगरानी के लिए 294 वरिष्ठ माइक्रो-ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं?

सारांश

भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा क्षेत्रों में वरिष्ठ माइक्रो-ऑब्जर्वर की नियुक्ति की है। यह चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। जानिए इस नियुक्ति का महत्व और चुनाव प्रक्रिया पर इसके प्रभाव को।

मुख्य बातें

ईसीआई ने 294 वरिष्ठ माइक्रो-ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं।
सुनवाई सत्र 7 फरवरी को समाप्त होगा।
अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।
महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों के लिए मतदान तिथियों की घोषणा अपेक्षित है।

कोलकाता, २४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पर दावों और आपत्तियों की सुनवाई की समीक्षा के लिए २९४ विधानसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक के लिए एक-एक वरिष्ठ माइक्रो-ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं।

इन २९४ वरिष्ठ सूक्ष्म-पर्यवेक्षकों को आयोग द्वारा पहले से नियुक्त ६,६०० माइक्रो-ऑब्जर्वर से ऊपर रखा गया है। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, माइक्रो-ऑब्जर्वर और वरिष्ठ माइक्रो-ऑब्जर्वर के कार्यभार में कुछ अंतर है।

एक माइक्रो-ऑब्जर्वर सुनवाई केंद्र की निगरानी करता है, जबकि एक वरिष्ठ माइक्रो-ऑब्जर्वर एक विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सभी सुनवाई केंद्रों की निगरानी करता है।

माइक्रो-ऑब्जर्वर की नियुक्ति केंद्र सरकार के कर्मचारियों या केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) या सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के कर्मचारियों में से की जाती है। ये मुख्य रूप से ग्रुप-बी श्रेणियों और कुछ ग्रुप-ए से होते हैं।

इसके विपरीत, वरिष्ठ माइक्रो-ऑब्जर्वर सभी समूह-ए श्रेणियों से होते हैं, जो या तो सीधे केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं या केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारी हैं।

माइक्रो-ऑब्जर्वर की नियुक्ति वर्तमान में पश्चिम बंगाल में की गई है, जबकि वरिष्ठ माइक्रो-ऑब्जर्वर की नियुक्ति पड़ोसी राज्यों ओडिशा, बिहार और झारखंड से की जाती है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्यालय के एक सूत्र ने बताया, "पश्चिम बंगाल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने हाल ही में ओडिशा, बिहार और झारखंड के अपने समकक्षों को वरिष्ठ माइक्रो-ऑब्जर्वर के लिए नियुक्तियों के लिए पत्र भेजे थे। इन तीनों राज्यों से वरिष्ठ माइक्रो-ऑब्जर्वर का चयन कर लिया गया है और वे २६ जनवरी को पश्चिम बंगाल में अपने कार्यभार संभालेंगे। वे सुनवाई सत्र के पूरा होने तक पश्चिम बंगाल में रहेंगे, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।"

सुनवाई सत्रों को पूरा करने की समय सीमा ७ फरवरी को समाप्त होगी, और अंतिम मतदाता सूची १४ फरवरी को प्रकाशित होने वाली है। हालांकि, आयोग ने संकेत दिया है कि दोनों समय सीमाओं को बढ़ाया जा सकता है।

अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के तुरंत बाद, आयोग द्वारा इस वर्ष के अंत में होने वाले पश्चिम बंगाल के महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों के लिए मतदान तिथियों की घोषणा की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह कह सकता हूं कि भारत निर्वाचन आयोग का यह कदम चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में सहायक होगा। यह न केवल पश्चिम बंगाल में बल्कि पूरे देश में चुनावी प्रणाली को मजबूत करने के लिए एक सकारात्मक पहल है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माइक्रो-ऑब्जर्वर क्या होता है?
माइक्रो-ऑब्जर्वर चुनावी प्रक्रिया की निगरानी के लिए नियुक्त किए जाते हैं।
वरिष्ठ माइक्रो-ऑब्जर्वर का कार्य क्या है?
वरिष्ठ माइक्रो-ऑब्जर्वर सभी सुनवाई केंद्रों की निगरानी करते हैं।
ये नियुक्तियाँ कब प्रभावी होंगी?
ये नियुक्तियाँ 26 जनवरी से प्रभावी होंगी।
राष्ट्र प्रेस
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