क्या गिरमिटिया मजदूरी के समय से है भारत और फिजी के बीच संबंध?

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क्या गिरमिटिया मजदूरी के समय से है भारत और फिजी के बीच संबंध?

सारांश

भारत और फिजी के बीच का संबंध गिरमिटिया मजदूरों के प्रवास से शुरू हुआ था और अब यह एक सशक्त साझेदारी में बदल चुका है। जानिए कैसे ये दोनों देश सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से जुड़े हैं।

Key Takeaways

  • भारत और फिजी के रिश्ते गिरमिटिया मजदूरों के प्रवास से बने हैं।
  • फिजी में भारतीय मूल के लोगों की संख्या महत्वपूर्ण है।
  • भारत, फिजी के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग प्रदान करता है।
  • फिजी में भारतीय त्योहारों का व्यापक धूमधाम से मनाया जाता है।
  • भारत और फिजी के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव गहरा है।

नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत और फिजी के बीच ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध बेहद मजबूत और गहरे हैं। दोनों देशों के रिश्ते बहुआयामी हैं, जिनकी नींव गिरमिटिया मजदूरों के प्रवास से रखी गई थी। समय के साथ, यह संबंध विभिन्न क्षेत्रों में एक प्रगतिशील और जीवंत साझेदारी में विकसित हो चुका है।

फिजी की जनसंख्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भारतीय मूल के लोगों से बना है, जो दोनों देशों के सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को और सशक्त करता है। संस्कृति, भाषा और परंपराओं के स्तर पर भी भारत और फिजी के बीच एक विशेष आत्मीयता और आपसी जुड़ाव देखा जा सकता है।

फिजी का कुल क्षेत्रफल लगभग 18,300 वर्ग किलोमीटर है और 2025 तक इसकी आबादी 933,154 होने की संभावना है। यह 300 से अधिक द्वीपों का समूह है, जिनमें से करीब 100 द्वीपों पर जनसंख्या निवास करती है।

भारत और फिजी के बीच 1970 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए। फिजी के सुवा में भारत का उच्चायोग है। भारत, फिजी को शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी, और क्षमता निर्माण में सहयोग कर रहा है। फिजी के छात्रों के लिए भारत सरकार छात्रवृत्ति योजनाएं और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाती है। फिजी में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वहां के सर्वोच्च सम्मान कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी (सीएफ) से भी सम्मानित किया गया है।

गौरतलब है कि 1879 से लेकर 1916 तक भारतीय मजदूर (गिरमिटिया) फिजी के गन्ने के बागानों में काम करने के लिए आए। इस अवधि के दौरान फिजी में ब्रिटिश शासन था। इसी समय में गिरमिटिया प्रणाली के तहत भारतीय मजदूरों को फिजी में लाया गया। इसीलिए यहां 30-40 फीसदी लोग भारतीय मूल के हैं।

भारतीय मूल के लोगों के कारण यहां हिंदी भाषा का प्रचलन है। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव भी गहरा है। दीपावली और होली जैसे भारतीय त्योहार फिजी में राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जाते हैं। योग, आयुर्वेद, और भारतीय सिनेमा फिजी समाज में लोकप्रिय हैं, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सेतु का कार्य करते हैं।

फिजी, प्रशांत क्षेत्र में भारत के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार है। भारत की इंडो-पैसिफिक नीति और सागर विजन के तहत फिजी जैसे द्वीपीय देशों के साथ सहयोग को बढ़ाया जा रहा है। भारत फिजी को जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और समुद्री सुरक्षा में सहायता प्रदान कर रहा है।

भारत, फिजी को पैकेटबंद दवाएं, मेडिकल उपकरण, वस्त्र और परिधान, रिएक्टर, बॉयलर, बिजली उत्पादन सेट (जनरेटर), रसायन, अनाज (चावल) और अन्य तैयार खाद्य पदार्थ, प्लास्टिक और उससे बनी वस्तुएं, स्किन केयर और मेकअप प्रोडक्ट्स, और नमक निर्यात करता है।

फिजी से भारत सोना, मशीनरी, लीड अयस्क, प्रसंस्कृत खाद्य, और प्लास्टिक का आयात करता है।

Point of View

बल्कि वर्तमान में भी ये दोनों देशों के लिए सामरिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। गिरमिटिया मजदूरों के प्रवास ने एक ऐसा पुल बनाया है, जो आज भी दोनों देशों के बीच के रिश्तों को मजबूत कर रहा है।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

गिरमिटिया मजदूर कौन होते हैं?
गिरमिटिया मजदूर वे भारतीय मजदूर हैं जो 1879 से 1916 के बीच फिजी में गन्ने के बागानों में काम करने के लिए भेजे गए थे।
भारत और फिजी के बीच संबंध कब स्थापित हुए?
भारत और फिजी के बीच राजनयिक संबंध 1970 में स्थापित हुए थे।
फिजी में भारतीय संस्कृति के क्या प्रभाव हैं?
फिजी में दीपावली, होली जैसे भारतीय त्योहार बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं और यहां हिंदी भी बोली जाती है।
भारत फिजी को किन क्षेत्रों में सहयोग करता है?
भारत फिजी को शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी, और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग करता है।
फिजी की जनसंख्या का क्या प्रतिशत भारतीय मूल के लोगों का है?
फिजी की जनसंख्या में लगभग 30-40 फीसदी लोग भारतीय मूल के हैं।
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