क्या भारत और मंगोलिया के बीच आध्यात्मिक संबंध गहरा है?
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नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मंगोलिया के स्टेट ग्रेट हुरल (संसद) के सदस्य गनबाटर सैंखु ने राष्ट्र प्रेस के साथ एक विशेष बातचीत में बताया कि भारत और मंगोलिया के बीच एक मजबूत आध्यात्मिक संबंध है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ दोनों देशों को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
गनबाटर सैंखु ने कहा, "भारत, लद्दाख और मंगोलिया के बीच एक गहरा आध्यात्मिक रिश्ता है। आज, दुनिया भौतिक चीजों से भरी हुई है, लेकिन आत्मा की अहमियत घट रही है। मुझे गर्व है कि भारत कई धर्मों और विचारों की जन्मभूमि है। मैं इस रिश्ते को महत्वपूर्ण मानता हूं, जो हमारे युवाओं के लिए फायदेमंद होगा। स्पष्टता और एक साफ दिमाग होना आवश्यक है, और यही आध्यात्मिकता का सार है।"
उन्होंने आगे कहा, "मंगोलिया और भारत के बीच पुरानी दोस्ती है, और मंगोलिया भारत को अपना तीसरा आध्यात्मिक पड़ोसी मानता है। हम कई महत्ताओं को साझा करते हैं, और मेरा मानना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मिलकर काम करना आवश्यक है। इससे दोनों देशों के युवा वर्ग को बड़ा लाभ होगा।"
पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी में आम लोगों की मदद करने की अद्भुत क्षमता है। यह आवश्यक है, और मुझे विश्वास है कि वे शानदार कार्य कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया की एक बड़ी आर्थिक शक्ति है; किसी भी देश को उनके साथ मोलभाव नहीं करना चाहिए। आपसी सम्मान और पार्टनरशिप बनाना आवश्यक है। उन्होंने अमेरिकी टैरिफ के संदर्भ में कहा कि इस दुनिया में हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। यह अच्छी बात नहीं है कि हम एक-दूसरे को परेशान करें। इस कारण से भारत किसी भी देश के साथ शानदार रिश्ते बनाने की क्षमता रखता है।