भारत और जापान की सेनाओं का 'धर्म संरक्षक' संयुक्त युद्धाभ्यास: एक नया अध्याय

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भारत और जापान की सेनाओं का 'धर्म संरक्षक' संयुक्त युद्धाभ्यास: एक नया अध्याय

सारांश

भारत और जापान की सेनाएं मिलकर 'धर्म संरक्षक' नामक सैन्य अभ्यास कर रही हैं। यह अभ्यास अर्ध-शहरी वातावरण में शत्रुतापूर्ण परिस्थितियों में घेराबंदी और तलाशी पर केंद्रित है, जो दोनों देशों के रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा।

Key Takeaways

  • अर्ध-शहरी वातावरण में सैन्य अभ्यास किया जा रहा है।
  • मुख्य उद्देश्य सैन्य सहयोग को बढ़ाना है।
  • भारत और जापान की सेनाओं में १२०-१२० सदस्यों का दल शामिल है।
  • यह अभ्यास २४ फरवरी से ९ मार्च तक चलेगा।
  • अभ्यास में आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा।

नई दिल्ली, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना और जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेजीएसडीएफ) ने मिलकर 'धर्म संरक्षक' नामक संयुक्त युद्धाभ्यास की शुरुआत की है। यह विशिष्ट सैन्य अभ्यास अर्ध-शहरी वातावरण में आयोजित किया जा रहा है। इसमें शत्रुतापूर्ण परिस्थितियों में घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाए जाएंगे। इसके अलावा, दुश्मन के खिलाफ कार्रवाई का अभ्यास करते हुए हेलीकॉप्टर आधारित अभियान भी संचालित किए जाएंगे।

सेनाएं दुश्मन के कब्जे वाले ठिकानों पर हाउस इंटरवेंशन ड्रिल करेंगी। इसके साथ ही, खुफिया निगरानी और टोही (आईएसआर) ग्रिड का विकास किया जाएगा। भारत और जापान की सेनाएं मोबाइल वाहन चेक पोस्ट स्थापित करेंगी। यह धर्म संरक्षक अभ्यास का सातवां संस्करण है, जो उत्तराखंड के चौबटिया स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में प्रारंभ हुआ।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास २४ फरवरी से ९ मार्च तक चलेगा। इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में दोनों देशों की सेनाओं से १२०-१२० सदस्यों का दल शामिल है। इसमें जम्मू-सैनिक सुरक्षा बल (जेजीएसडीएफ) की ३२वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट के सैनिक और लद्दाख स्काउट्स के सैनिक भाग ले रहे हैं। यह अभ्यास भारत और जापान के बीच बारी-बारी से आयोजित किया जाता है।

रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह अभ्यास दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है। 'धर्म संरक्षक' अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सैन्य सहयोग को मजबूती प्रदान करना और संयुक्त क्षमताओं को बढ़ाना है। यह सहयोग अर्ध-शहरी वातावरण में संयुक्त अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए है।

अगले दो हफ्तों में यहां भाग लेने वाले जवान उच्च स्तर की शारीरिक फिटनेस हासिल करेंगे। वे संयुक्त योजना प्रक्रियाओं को परिष्कृत करेंगे और सामरिक अभ्यासों का समन्वय करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। यह संयुक्त अभ्यास आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग, अंतर-संचालनीयता को बढ़ाने और समकालीन परिचालन पहलुओं पर आधारित है। अभ्यास के दौरान प्रमुख सामरिक गतिविधियों में एक अस्थायी परिचालन आधार की स्थापना भी की जाएगी।

Point of View

न केवल उनके सैन्य कौशल को बढ़ाता है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा में भी योगदान देता है। यह अभ्यास भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए दोनों देशों की तत्परता को दर्शाता है।
NationPress
24/02/2026

Frequently Asked Questions

धर्म संरक्षक अभ्यास कब शुरू हुआ?
यह अभ्यास २४ फरवरी २०२३ को शुरू हुआ।
इस अभ्यास में कितने सैनिक शामिल हैं?
इस अभ्यास में दोनों देशों की सेनाओं से १२०-१२० सदस्यों का दल शामिल है।
यह अभ्यास कहाँ आयोजित किया जा रहा है?
यह अभ्यास उत्तराखंड के चौबटिया स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया जा रहा है।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य सैन्य सहयोग को मजबूत करना और संयुक्त क्षमताओं को बढ़ाना है।
यह अभ्यास कब तक चलेगा?
यह अभ्यास २४ फरवरी से ९ मार्च तक चलेगा।
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