क्या भारत की असली ताकत जन-संकल्प है?, मन की बात कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी

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क्या भारत की असली ताकत जन-संकल्प है?, मन की बात कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में भारतीयों की जन भागीदारी और संस्कृति की ताकत पर जोर दिया। उन्होंने आजमगढ़ और अनंतपुर में पर्यावरण संरक्षण की सफल पहलों का उल्लेख किया, जो दर्शाते हैं कि भारत की असली ताकत उसके लोगों का संकल्प है।

Key Takeaways

  • भारत की असली ताकत जन संकल्प है।
  • पर्यावरण संरक्षण में जन भागीदारी का महत्व।
  • स्थानीय पहलें बड़े बदलाव ला सकती हैं।
  • भारतीय संस्कृति और त्योहारों की विश्व पहचान।
  • मलेशिया में भारतीय भाषाओं की शिक्षा का महत्व।

नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' के १३०वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों से संवाद किया। यह पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का २०२६ का पहला एपिसोड है।

इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि भारतइनोवेटिव हैं और वे समस्याओं के समाधान के लिए खुद ही उपाय ढूंढ लेते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में स्थानीय लोगों द्वारा की गई पर्यावरण संरक्षण की सफल पहलों का उल्लेख किया, जिससे जन भागीदारी की शक्ति का पता चलता है।

पीएम मोदी ने तमसा नदी के पुनरुद्धार की कहानी साझा की। उन्होंने कहा कि यह नदी, जो अयोध्या से निकलकर गंगा में मिलती थी, कभी स्थानीय लोगों के जीवन का केंद्र थी, लेकिन प्रदूषण के कारण इसकी धारा रुक गई थी। आजमगढ़ के लोगों ने एकजुट होकर नदी की सफाई अभियान चलाया, किनारों पर पेड़ लगाए और नदी को फिर से जीवन दिया। इसी तरह, अनंतपुर में 'अनंत निरु संकल्प प्रोजेक्ट' के तहत स्थानीय लोगों ने लगभग १० जलाशयों को साफ किया और पुनर्जीवित किया।

उन्होंने कहा कि इससे न केवल जल संरक्षण हुआ, बल्कि ग्रीन कवर भी बढ़ा और पूरा इकोसिस्टम निखर उठा। पीएम मोदी ने कहा कि आजमगढ़ या अनंतपुर की यह एकजुटता देखकर गर्व होता है। यही हमारी देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी छोटी-छोटी पहलें बड़े बदलाव लाती हैं और पर्यावरण संरक्षण में जन भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारी संस्कृति और त्योहार दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं। भारत के त्योहारों को दुनिया भर में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। देश के लोग जहाँ भी हैं, वे अपनी संस्कृति की मूल भावना को संरक्षित कर रहे हैं और उसे आगे बढ़ा रहे हैं।

पीएम मोदी ने यह भी बताया कि आपको जानकर सुखद आश्चर्य होगा कि मलेशिया में ५०० से ज्यादा तमिल स्कूल हैं। यहां तमिल भाषा के साथ-साथ अन्य विषयों को भी तमिल में पढ़ाया जाता है। इसके अतिरिक्त, तेलुगु और पंजाबी सहित अन्य भारतीय भाषाओं पर भी ध्यान दिया जाता है।

Point of View

यह कहना उचित होगा कि पीएम मोदी का यह संदेश भारत की एकता और संस्कृति को प्रदर्शित करता है। ऐसे कार्यक्रमों से न केवल जन जागरूकता बढ़ती है, बल्कि यह भी साबित होता है कि पर्यावरण संरक्षण में जन भागीदारी अनिवार्य है। यह कार्यक्रम हमारे देश की संस्कृति और परंपराओं को भी समर्पित है।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

मन की बात कार्यक्रम क्या है?
मन की बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित एक वार्षिक कार्यक्रम है, जिसमें वे देशवासियों से सीधे संवाद करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने किस विषय पर बात की?
उन्होंने जन भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर बात की।
क्या आजमगढ़ और अनंतपुर में पर्यावरण संरक्षण की कोई पहल हुई है?
हाँ, दोनों स्थानों पर स्थानीय लोगों ने नदी और जलाशयों की सफाई की है।
भारत की संस्कृति और त्योहारों का क्या महत्व है?
भारत की संस्कृति और त्योहारों का विश्व स्तर पर बड़ा महत्व है, जिससे हमारी पहचान बनती है।
मलेशिया में भारतीय भाषाओं की स्थिति क्या है?
मलेशिया में 500 से ज्यादा तमिल स्कूल हैं, जहाँ भारतीय भाषाओं की पढ़ाई होती है।
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