भोपाल में एनएसयूआई का उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन
सारांश
Key Takeaways
- एनएसयूआई का प्रदर्शन उपमुख्यमंत्री के दफ्तर के बाहर हुआ।
- स्वास्थ्य व्यवस्था में अनियमितताओं के खिलाफ बोलने का प्रयास।
- फर्जी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग।
- सीएमएचओ ने आरोपों को निराधार बताया।
- बड़ा प्रदर्शन की चेतावनी दी गई।
भोपाल, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के सदस्यों ने शनिवार को भोपाल में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के कार्यालय, डायरेक्टोरेट ऑफ हेल्थ सर्विसेज (आयुष्मान) और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के दफ्तर के बाहर पोस्टर लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के आवास के बाहर लगाए गए एक पोस्टर में स्वास्थ्य प्रणाली में मौजूद कथित अनियमितताओं को व्यंग्यात्मक तरीके से उजागर करने का प्रयास किया गया।
एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि तुरंत उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने शहर में अवैध और फर्जी अस्पतालों को संरक्षण देने के आरोप भी लगाए हैं।
हालांकि, शुक्ला के आवास के बाहर लगाए गए पोस्टरों को बाद में सुरक्षाकर्मियों ने हटा दिया।
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि शहर के कई अस्पताल नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और फर्जी तरीके से डॉक्टरों और स्टाफ का नाम दस्तावेजों में शामिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायतों और विरोध के बावजूद सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
परमार ने कहा, “इस निष्क्रियता से स्पष्ट होता है कि राजधानी में फर्जी अस्पतालों का एक बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों से इलाज की आस लेकर आने वाले मरीजों का ऐसे अस्पताल आर्थिक शोषण कर रहे हैं।
एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के आवास के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने इन्हें निराधार और राजनीतिक प्रेरित बताया। उन्होंने कहा, “नियमित जांच की जा रही है और फर्जी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। कई मामलों में अदालत में शिकायत भी की गई है।”