क्या बिहार में ऐपवा और आइसा ‘बेटी बचाओ-न्याय यात्रा’ निकालेंगी?

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क्या बिहार में ऐपवा और आइसा ‘बेटी बचाओ-न्याय यात्रा’ निकालेंगी?

सारांश

बिहार में ऐपवा और आइसा ने बेटी बचाओ न्याय यात्रा की घोषणा की है। यह यात्रा राज्य में बढ़ते अपराधों के खिलाफ विरोध जताने के लिए आयोजित की जाएगी। क्या यह यात्रा बिहार सरकार को जागरूक करेगी?

Key Takeaways

  • बिहार में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं।
  • ऐपवा और आइसा द्वारा बेटी बचाओ न्याय यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
  • छात्रा की संदिग्ध मौत ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए हैं।
  • एसआईटी जांच से परिवार संतुष्ट नहीं है।
  • यात्रा 4 से 10 फरवरी तक होगी।

पटना, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) और आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) एक छात्रावास में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले समेत राज्य में हत्या और दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ बेटी बचाओ न्याय यात्रा का आयोजन करेंगी।

ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि बिहार में महिलाओं और छात्राओं के खिलाफ हिंसा अब एक खतरनाक प्रवृत्ति बन चुकी है। औरंगाबाद की एक नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है।

बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में छात्राओं के साथ यौन हिंसा, संदिग्ध मौत और हत्याओं की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। सरकार अपराधियों को संरक्षण देने में लगी हुई है। छात्रा की मौत के मामले में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

एफएसएल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि ने पुलिस के झूठे दावों को उजागर कर दिया है। पीड़ित छात्रा ने अस्पताल में अपनी मां के सामने स्पष्ट रूप से कहा कि उसके साथ गलत हुआ है और परिजनों ने उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान देखे। इसके बावजूद पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दुष्कर्म से इनकार किया।

पीड़ित परिवार एसआईटी जांच से संतुष्ट नहीं है और सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। अगर सरकार की नीयत साफ है तो स्वतंत्र जांच से डर क्यों? उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले में कठघरे में है और पूरे बिहार में इसके खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

इन्हीं सवालों और न्याय की मांग को लेकर ऐपवा और आइसा द्वारा ‘बेटी बचाओ-न्याय यात्रा’ निकाली जाएगी। यह यात्रा जहानाबाद से शुरू होकर औरंगाबाद सहित मगध प्रक्षेत्र के विभिन्न जिलों से गुजरेगी। यह यात्रा चार से 10 फरवरी तक होगी और 11 फरवरी को विधानसभा मार्च आयोजित किया जाएगा। संवाददाता सम्मेलन में ऐपवा की महासचिव के साथ दिव्या गौतम, आइसा की प्रदेश अध्यक्ष प्रीति कुमारी और सह-सचिव कुमार दिव्यम उपस्थित रहे।

Point of View

NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

बेटी बचाओ न्याय यात्रा कब होगी?
यह यात्रा चार से 10 फरवरी तक आयोजित की जाएगी।
इस यात्रा का उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का उद्देश्य बिहार में महिलाओं और छात्राओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के खिलाफ आवाज उठाना है।
क्या इस यात्रा में कोई प्रमुख व्यक्ति शामिल होगा?
जी हाँ, ऐपवा और आइसा के कई प्रमुख नेता इस यात्रा में शामिल होंगे।
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