क्या बिहार पर्यटन विभाग के सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे का निर्देश, पर्यटकों को राज्य में मिलेगा बेहतर आतिथ्य?
सारांश
Key Takeaways
- बिहार पर्यटन विभाग ने बेहतर आतिथ्य का आश्वासन दिया है।
- कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- डिजिटल मंचों पर बिहार की उपस्थिति बढ़ाई जाएगी।
- पर्यटकों के अनुभव को सुधारने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
- गणना प्रक्रिया को विज्ञान आधारित बनाया जाएगा।
पटना, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार पर्यटन विभाग के सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे ने सोमवार को अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्यटकों को राज्य में बेहतर आतिथ्य और अनुभव मिले। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की और कहा कि बिहार के सभी पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने तथा शालीन व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए किसी प्रतिष्ठित संस्थान के सहयोग से सभी कर्मचारियों एवं सेवा प्रदाताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
सचिव ने कहा कि अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस का अध्ययन करके उसके आधार पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण तैयार करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। उन्होंने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक सोमवार को उनकी अध्यक्षता में नियमित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें विभाग की सभी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा होगी। प्रस्तुतिकरण में विगत सप्ताह एवं वर्तमान सप्ताह की तुलनात्मक प्रगति तथा उससे संबंधित फोटो अनिवार्य रूप से शामिल करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में बिहार पर्यटन के डिजिटल प्रचार-प्रसार को और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया। बिहार टूरिज्म के मौजूदा सोशल मीडिया चैनलों के साथ-साथ अन्य प्रासंगिक डिजिटल प्लेटफॉर्म, वेबसाइट एवं एप पर भी बिहार पर्यटन की सशक्त उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
बिहार आगमन करने वाले महानुभावों और विशिष्ट एवं अतिविशिष्ट अतिथियों के लिए चारपहिया वाहन उपलब्ध कराने की संभावनाएं तलाशने का निर्देश प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड को दिया गया। साथ ही कैमूर स्थित करमचट डैम के निकट एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यटकों के ठहराव आदि की व्यवस्था के लिए होटल निर्माण की संभावनाओं का विस्तृत परीक्षण करने का निर्देश भी दिया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बिहार में आने वाले घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की सही संख्या निर्धारित करने के लिए अन्य राज्यों में प्रचलित गणना प्रक्रिया का अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि वैज्ञानिक एवं विश्वसनीय गणना प्रणाली विकसित की जा सके। बैठक में बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, मुख्य अभियंता, पर्यटन विभाग के संयुक्त सचिव, पर्यटन निदेशालय के संयुक्त निदेशक, विशेष कार्य पदाधिकारी, प्रशाखा पदाधिकारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।