क्या मुख्यमंत्री पर अमर्यादित टिप्पणी करना आरोपी को महंगा पड़ा?
सारांश
Key Takeaways
- सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
- आपत्तिजनक पोस्ट के खिलाफ सख्त कानून है।
- आस्था पर चोट करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
- सोशल मीडिया की निगरानी जरूरी है।
बेतिया, २७ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार पुलिस सोशल मीडिया पर निरंतर निगरानी रख रही है। इस पर आपत्तिजनक पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। ऐसा ही एक मामला पश्चिम चंपारण जिले में सामने आया है जब एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री के खिलाफ अमर्यादित और आपत्तिजनक टिप्पणी कर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूरा मामला पश्चिम चंपारण जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र का है। सरस्वती पूजा के अवसर पर मूर्ति विसर्जन के समय पुलिस को सूचना मिली कि एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
इस वीडियो में बिहार के मुख्यमंत्री के बारे में अमर्यादित और असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए एक व्यक्ति ने अपने फेसबुक आईडी से एक बेहद शर्मनाक और आपत्तिजनक वीडियो साझा किया। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण वातावरण के बिगड़ने की आशंका उत्पन्न हो गई।
जैसे ही पुलिस को यह मामला पता चला, उन्होंने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस अवर निरीक्षक सोनू कुमार के लिखित आवेदन पर शिकारपुर थाना में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पता चला कि यह वीडियो सिसवा गांव के वार्ड नंबर ११ के रहने वाले राजू कुमार द्वारा जानबूझकर वायरल किया गया था।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शिकारपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी राजू कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि उसकी मंशा क्या थी। पुलिस ने ऐसे लोगों को चेतावनी दी है कि आस्था पर चोट करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस सोशल मीडिया की लगातार निगरानी कर रही है।