क्या बिहार विश्वविद्यालय की अर्थशास्त्र विभाग की प्रमुख ने अर्थव्यवस्था में उछाल के कारण बताए?
सारांश
Key Takeaways
- भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत पर पहुँच गई है।
- कर में छूट और जीएसटी में कमी का अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
- बाजार में डिमांड बढ़ने से अर्थव्यवस्था में उछाल आया है।
मुजफ्फरपुर, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत तक पहुँचने पर, बिहार विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग की प्रमुख डॉ. विनीता वर्मा ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था काफी समय से पीएम मोदी के हाथों में है, परंतु इसका विकास पहले से ही हो रहा था।
डॉ. विनीता वर्मा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि वर्तमान में अर्थव्यवस्था पीएम मोदी के हाथों में है, लेकिन इसका विकास जारी है। हाल ही में, पूरी दुनिया में भारत का चौथा स्थान है, और जुलाई-अगस्त-सितंबर में जीडीपी के आंकड़ों में अचानक उछाल देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि यह उछाल प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के कई कार्यक्रमों के कारण संभव हुआ है। मैं 38 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में हूँ और वर्तमान में बिहार विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग की प्रमुख हूँ। जीडीपी में उछाल के पीछे मुझे दो प्रमुख कारण समझ में आते हैं।
पहला कारण है कि इस साल के बजट में कर में छूट दी गई, जिससे लोगों के पास पैसा बचने लगा। दूसरा बड़ा कारण जीएसटी में कमी है। जीएसटी में कमी के कारण लोगों के पास पैसे बचने लगे और बाजार में डिमांड बढ़ने लगी।
उन्होंने बताया कि जब बाजार में पैसे का सर्कुलेशन बढ़ता है तो हमारी स्थिति मुद्रास्फीति के दौरान अच्छी हो जाती है। यही कारण है कि बाजार बढ़ा और लोगों में खुशहाली आई। रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो गईं, जिससे उनकी डिमांड काफी बढ़ गई। इससे हमारी अर्थव्यवस्था में उछाल देखने को मिला और जीडीपी ग्रोथ रेट में वृद्धि हुई।
उन्होंने आशा जताई कि यदि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री इसी तरह सूझबूझ से फैसले लेते रहे, तो भारत विश्वगुरु बन सकता है। इसमें कोई शक नहीं है।