क्या बजट सत्र से पहले राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई?
सारांश
Key Takeaways
- सर्वदलीय बैठक में 39 राजनीतिक दलों के 51 सांसद शामिल हुए।
- किरेन रिजिजू ने सभी दलों से सहयोग की अपील की।
- संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति के अभिभाषण से शुरू होगा।
- बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
- संसद में चर्चा के लिए सभी सांसद स्वतंत्र हैं।
नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। संसद के बजट सत्र की तैयारियों के तहत केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि संसद भवन परिसर में इस बैठक में 39 राजनीतिक दलों के 51 सांसदों ने भाग लिया। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि बजट सत्र के दौरान सहयोग करें।
बैठक के बाद किरेन रिजिजू ने कहा, "कई नेताओं ने सुझाव दिए हैं, जिन्हें हमने नोट किया है। यह साल का पहला सत्र है, सभी पार्टियां सहयोग करें और सदन को सुचारु रूप से चलाने में योगदान करें।"
उन्होंने आगे कहा, "बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई है। संसद में हर विषय पर नियमों के अनुसार ही चर्चा होगी। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिसमें सांसद अपने मुद्दे रख सकते हैं। आम बजट पर चर्चा के दौरान भी सभी सांसदों को अपने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता होगी।"
बैठक में 39 दलों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी पार्टियों का पक्ष रखा है।
संसद सत्र के संबंध में किरेन रिजिजू ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत होगी। बुधवार को सुबह 11 बजे संयुक्त सत्र होगा। 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा और 1 फरवरी को बजट प्रस्तुत होगा।
उन्होंने बताया कि सत्र का पहला भाग राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव होगा। इसके बाद बजट पर चर्चा होगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में किरेन रिजिजू ने सांसदों से एक बार फिर अपील की, "हमारा देश का लोकतंत्र दुनिया में सबसे बड़ा है। हमें अपनी संसदीय परंपरा को बनाए रखना चाहिए। लोकतंत्र में लोगों ने हमें चुनकर संसद सदस्य बनाया है, इसलिए हंगामा न हो और नियमों के तहत चर्चा की जाए।"
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र के अनुसार एक-दूसरे की बात सुननी चाहिए। जितनी बोलने की स्वतंत्रता सभी सदस्यों को है, उतना ही अन्य सदस्यों को सुनने का धैर्य भी रखना चाहिए।