बुरहानपुर में गर्भवती महिलाओं के लिए 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व' योजना का महत्वपूर्ण योगदान
सारांश
Key Takeaways
- सुरक्षित मातृत्व के लिए निशुल्क स्वास्थ्य जांच का आयोजन।
- ग्रामीण महिलाओं को विशेष निगरानी और परामर्श की सुविधा।
- प्रधानमंत्री मोदी की योजना से गर्भवती महिलाओं को राहत।
- प्रसव पूर्व चार स्वास्थ्य जांच और मानसिक स्वास्थ्य की जांच।
- मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने का लक्ष्य।
बुरहानपुर, 14 अप्रैल (आईएएनएल)। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिला अस्पताल में 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व' अभियान के तहत निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत जिले और उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग 50 गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचीं। अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान 14 महिलाओं को हाई-रिस्क गर्भावस्था श्रेणी में चिन्हित किया गया, जिन्हें विशेष निगरानी और परामर्श प्रदान किया गया।
महिलाओं ने साझा किया कि यदि यही जांच निजी अस्पतालों में कराई जाती, तो उन्हें हजारों रुपए खर्च करने पड़ते। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की इस योजना के तहत उन्हें सभी आवश्यक जांच, सोनोग्राफी, रक्त परीक्षण और चिकित्सकीय परामर्श मुफ्त में उपलब्ध कराया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से गरीब और ग्रामीण महिलाओं को बहुत राहत मिल रही है।
लाभार्थी वैशाली भालेकर ने राष्ट्र प्रेस से बताया कि 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व' योजना से उन्हें बड़ा लाभ मिला है। उनकी सुरक्षित तरीके से जांच की गई। डॉक्टरों ने उनका पूरी तरह से ध्यान रखा। यहां जांच में एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ, और यह योजना के कारण ही संभव हुआ है।
स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल पहुंचीं नंदिनी ने कहा, "मेरे लिए इस योजना के तहत फ्री चेकअप हुआ है। अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधा है। मैं प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करना चाहती हूं।"
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना और जटिल मामलों की समय पर पहचान कर उपचार उपलब्ध कराना है।
महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सरिता गोलकर ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिए 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व' अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत महिलाओं का शारीरिक और मानसिक दोनों तरह का चेकअप किया जाता है। सभी जांच के बाद यदि कोई परेशानी होती है, तो उसका इलाज किया जाता है। गर्भवती महिलाओं के खानपान के बारे में भी उन्हें जानकारी दी जाती है।
'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व' अभियान की जिला प्रभारी सीमा डेविड ने कहा, "हर महीने की 9 और 25 तारीख को 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान' का दिवस होता है। हर जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इसका आयोजन किया जाता है। इसी तरह बुरहानपुर जिला अस्पताल में 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान' के तहत दिवस का आयोजन किया गया है।"
सीमा डेविड ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करना और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत प्रसव पूर्व चार स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य की जांच कराई जाती है। इसके साथ ही, परिजनों की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी जाती है। योजना के तहत लाभार्थियों को मिलने वाले लाभों की जानकारी भी उन्हें दी जाती है।