चारधाम यात्रा से पहले प्रशासन ने यमुनोत्री पैदल मार्ग का किया गहन निरीक्षण
सारांश
Key Takeaways
- चारधाम यात्रा की तैयारियों में प्रशासन सजग है।
- यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग का गहन निरीक्षण किया गया।
- श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना प्राथमिकता है।
- स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
- यात्रा के मार्ग पर सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
उत्तरकाशी, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आगामी अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 19 अप्रैल से आरंभ हो रही चारधाम यात्रा को लेकर उत्तरकाशी जनपद का प्रशासन पूरी तरह सजग है। यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों के अनुसार शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक लगभग 6 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग का गहन निरीक्षण करते हुए पेयजल, शौचालय, विद्युत आपूर्ति, रेन शेल्टर और सुरक्षा रेलिंग की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और सभी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह से उपलब्ध रहें।
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर विशेष सख्ती दिखाते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने सुलभ इंटरनेशनल और जिला पंचायत को आदेश दिए कि यात्रा मार्ग एवं शौचालयों की सफाई का ध्यान रखा जाए। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य परीक्षण केंद्र और एसडीआरएफ की टीमों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। घोड़ा-खच्चर संचालकों के लिए चरी और प्याऊ की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान यात्रा मार्ग पर सूचना पटल और साइन बोर्डों को बड़े और स्पष्ट रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए गए, ताकि यात्रियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। यात्रा पड़ावों पर संपर्क मार्गों, पंजीकरण केंद्रों और अन्य जन-उपयोगी सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा और स्पष्ट किया कि कपाट खुलने से पूर्व सभी निर्माण और व्यवस्थाओं से जुड़े कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।
इससे पहले, मुख्य विकास अधिकारी ने बड़कोट, दोबाटा और खरादी क्षेत्र में आजीविका स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित आउटलेट केंद्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग में सुधार पर जोर दिया, ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान अपर परियोजना निदेशक रमेश चंद्र, प्रबंधक रीप कपिल उपाध्याय, अधिशासी अभियंता विद्युत धर्मवीर सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि बड़कोट तरुण कम्बोज, यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।