चतरा में आवासीय विद्यालय की छात्रा से दुष्कर्म का मामला: प्रधानाध्यापक गिरफ्तार, उच्चस्तरीय जांच के आदेश
सारांश
Key Takeaways
- 14 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला
- प्रधानाध्यापक की गिरफ्तारी
- उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन
- स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कड़ा रुख
- पीड़िता को चिकित्सा और काउंसलिंग
चतरा, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड स्थित अनुसूचित जाति आवासीय बालिका विद्यालय में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। विद्यालय के छात्रावास में रहकर तीसरी कक्षा की 14 वर्षीय एक नाबालिग छात्रा मेडिकल जांच में गर्भवती पाई गई है।
छात्रा के साथ दुष्कर्म का आरोप विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर लगा है। इस खुलासे के बाद से विद्यालय परिसर और पूरे जिले में आक्रोश और दहशत का माहौल बन गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता के परिजन विद्यालय पहुंचे और प्रबंधन पर सुरक्षा में चूक और लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
स्थिति को बिगड़ता देख हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उग्र ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। पुलिस ने सुरक्षा घेरे में छात्रा और आरोपी प्रधानाध्यापक शंकर प्रसाद को थाने लाया, जहां वरीय प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में घंटों पूछताछ की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री ने तुरंत संज्ञान लिया। छात्रा के बयान दर्ज करने के लिए अधिकारियों की एक बड़ी टीम का गठन किया गया, जिसमें एसी अरविंद कुमार, एसडीओ मोहम्मद जहूर आलम, महिला थाना प्रभारी और आरईओ अंबुजा राज शामिल थे।
डीसी कीर्तिश्री ने घटना की गहराई से जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। वहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी कड़ा रुख अपनाया है। जिला परिषद अध्यक्षा ममता कुमारी ने इसे जघन्य अपराध बताते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से डीसी और एसपी से मिलकर पीड़िता के लिए न्याय की मांग करेंगी। उन्होंने दोषियों के लिए कठोरतम सजा की वकालत की है।
दूसरी ओर, नावाडीह मुखिया बसंती पन्ना ने मांग की है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और वैज्ञानिक आधार पर हो, ताकि असली अपराधी को सख्त सजा मिल सके और कोई निर्दोष ना फंसे। पुलिस ने आरोपी प्रधानाध्यापक शंकर प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। फिलहाल, पीड़िता को आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई है। उसकी काउंसलिंग भी की जा रही है।