क्या भारतीय नौसेना ने एक और नीलगिरी क्लास स्वदेशी एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट ‘तारागिरी’ की डिलीवरी की है?

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क्या भारतीय नौसेना ने एक और नीलगिरी क्लास स्वदेशी एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट ‘तारागिरी’ की डिलीवरी की है?

सारांश

भारतीय नौसेना ने एक और स्वदेशी एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट 'तारागिरी' का सफलतापूर्वक डिलीवरी की है, जो देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह जहाज आधुनिक तकनीक और उच्च फायरपावर से लैस है, जिससे भारत की समुद्री शक्ति में और मजबूती आएगी।

Key Takeaways

  • तारागिरी एक स्वदेशी एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट है।
  • यह उच्चतम तकनीक और फायरपावर से सुसज्जित है।
  • इसका निर्माण आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
  • 75 प्रतिशत स्वदेशीकरण के साथ निर्मित।
  • यह भारतीय नौसेना की समुद्री शक्ति को मजबूत करेगा।

नई दिल्ली, २९ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नौसेना के बेड़े में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। शुक्रवार को मझगांव डॉक शिपबिल्डिंग लिमिटेड (एमडीएल), मुंबई में नीलगिरी क्लास (प्रोजेक्ट 17ए) के चौथे स्वदेशी एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट 'तारागिरी' को भारतीय नौसेना को डिलीवर कर दिया गया है।

यह जहाज डॉक शिपबिल्डिंग लिमिटेड द्वारा बनाए गए तीन पी17ए जहाजों में से एक है और भारतीय नौसेना के स्वदेशी युद्धपोत निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

'तारागिरी' को पहले के आईएनएस तारागिरी के नए रूप के रूप में विकसित किया गया है, जो 1980 से 2013 तक भारतीय नौसेना का हिस्सा था। यह नया फ्रिगेट स्टेल्थ तकनीक, उच्च फायरपावर और उन्नत ऑटोमेशन के साथ सुसज्जित है।

बता दें कि वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो (डब्लूडीबी) की ओर से डिजाइन किया गया और मुंबई स्थित वॉरशिप ओवरसीइंग टीम की ओर से निगरानी की गई इस जहाज को शिपबिल्डिंग में आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

पी17ए क्लास के इस जहाज में स्वदेशी शिप डिजाइन, स्टेल्थ क्षमता और आधुनिक लड़ाकू प्रणालियां शामिल हैं। इसमें ब्रह्मोस एसएसएम, एमएफस्टार रडार, मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल प्रणाली और विभिन्न प्रकार के हथियार जैसे 76 एमएम, एसआरजीएम, 30 एमएम और 12.7 एमएम क्लोज-इन वेपन सिस्टम शामिल हैं। साथ ही, यह जहाज एंटी-सबमरीन वॉरफेयर के लिए रॉकेट और टॉरपीडो से लैस है। इसके साथ ही, इसका प्रोपल्शन सिस्टम सीओडीओजी (संयुक्त डीजल या गैस) तकनीक पर आधारित है, जिसमें डीजल इंजन और गैस टर्बाइन शामिल हैं।

'तारागिरी' भारतीय नौसेना को मिल रहा चौथा पी17ए जहाज है और इसके निर्माण का समय पिछले जहाजों से लगभग 81 महीने कम हुआ है, जिससे यह प्रदर्शित होता है कि भारतीय शिपबिल्डिंग क्षमता में लगातार सुधार हो रहा है। इस प्रोजेक्ट में 75 प्रतिशत स्वदेशीकरण हुआ है और 200 से अधिक एमएसएमई ने इसमें योगदान किया है, जिससे 4,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और 10,000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है।

इस महत्वपूर्ण डिलीवरी से भारतीय नौसेना की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और कदम बढ़ा है और यह देश के रक्षा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Point of View

बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

तारागिरी क्या है?
तारागिरी एक स्वदेशी एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट है जिसे भारतीय नौसेना के लिए बनाया गया है।
यह जहाज किन तकनीकों से लैस है?
यह जहाज स्टेल्थ तकनीक, उच्च फायरपावर और उन्नत ऑटोमेशन से लैस है।
तारागिरी का निर्माण कब किया गया?
इसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डिंग लिमिटेड में किया गया है और इसे 29 नवंबर को डिलीवर किया गया।
इस जहाज की विशेषताएँ क्या हैं?
इसमें ब्रह्मोस एसएसएम, एमएफस्टार रडार और अन्य आधुनिक लड़ाकू प्रणालियां शामिल हैं।
यह जहाज भारतीय नौसेना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह जहाज भारतीय नौसेना की आत्मनिर्भरता और समुद्री शक्ति को मजबूत करने में मदद करेगा।
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