क्या मुझे पद्मश्री के लिए चुना जाएगा? : चिरंजी लाल यादव
सारांश
Key Takeaways
- चिरंजी लाल यादव को कला में पद्मश्री सम्मान मिला है।
- उन्हें पहले भी कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
- उन्होंने बच्चों को हस्तशिल्प सिखाने का कार्य किया है।
- यह सम्मान उनकी कला को और पहचान दिलाएगा।
मुरादाबाद, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस से पूर्व वर्ष २०२६ के लिए पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है। इसमें मुरादाबाद के चिरंजी लाल यादव को कला के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान प्राप्त हुआ है।
चिरंजी लाल यादव १९७० से निरंतर हस्तशिल्प के क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्हें पहले भी राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई सम्मान मिल चुके हैं।
चिरंजी लाल यादव ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि उन्हें पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा हुई है। इस सम्मान के बारे में उन्हें पहली बार राष्ट्र प्रेस के माध्यम से ही जानकारी मिली। इसके बाद उनके चाहने वालों से बधाइयों का तांता लग गया। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद नहीं थी कि मुझे पद्मश्री के लिए चुना जाएगा। मुझे बहुत खुशी हो रही है।” इस सम्मान से उनकी कला को पूरे भारत में पहचान मिलेगी।
उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी कला को प्रदर्शित करने के लिए देशभर में आयोजित कला प्रदर्शनी में भाग लिया है और कौशल विकास संस्थाओं के माध्यम से बच्चों को हस्तशिल्प का प्रशिक्षण दिया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा, “वे हम जैसे लोगों को सम्मानित कर रहे हैं और हमें प्रोत्साहित कर रहे हैं। वे सभी वर्गों के लिए शानदार कार्य कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि जीवन में चुनौतियां रही हैं, लेकिन विरोध के बावजूद उनका काम जारी रहा। इस अवॉर्ड से उनके काम की सराहना होगी, पब्लिसिटी बढ़ेगी और कार्यों में वृद्धि होगी।
ज्ञात हो कि पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक है, जिसे तीन श्रेणियों में दिया जाता है: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री। ये पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में, जैसे कि कला, समाज सेवा, विज्ञान, और शिक्षा में दिए जाते हैं। 'पद्म विभूषण' असाधारण सेवा के लिए, 'पद्म भूषण' उच्च कोटि की सेवा के लिए और 'पद्म श्री' किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। इन पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस पर की जाती है।