क्या सीएम स्टालिन दोपहर 3 बजे 10 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप बांटेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- सीएम स्टालिन का लैपटॉप वितरण कार्यक्रम
- 10 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाएंगे
- डिजिटल सशक्तीकरण का एक महत्वपूर्ण कदम
- सरकारी कॉलेजों के विद्यार्थियों को लाभ होगा
- लैपटॉप में उन्नत तकनीक शामिल होगी
चेन्नई, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन सोमवार को सरकार के महत्वाकांक्षी लैपटॉप वितरण कार्यक्रम के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। पहले चरण के अंतर्गत, राज्य भर के कॉलेज विद्यार्थियों को 10 लाख लैपटॉप बांटे जाएंगे, जो उच्च शिक्षा में डिजिटल सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उद्घाटन समारोह सोमवार को दोपहर 3 बजे चेन्नई ट्रेड सेंटर में होगा। उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
तमिलनाडु सरकार के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह पहल डीएमके सरकार का विद्यार्थियों के कल्याण और समावेशी विकास पर गहरा ध्यान देने का हिस्सा है। सत्ता में आने के बाद से, स्टालिन के नेतृत्व में कई शिक्षा-उन्मुख योजनाएँ लागू की गई हैं, जैसे तमिल पुधलवन योजना, इनोवेटिव विमेन योजना, फर्स्ट-जेनरेशन ग्रेजुएट योजना, पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप कार्यक्रम और सामाजिक न्याय छात्रावास, जिनका उद्देश्य शिक्षा तक पहुंच बढ़ाना और सामाजिक-आर्थिक बाधाओं को कम करना है।
इन प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए, मुख्यमंत्री ने कॉलेज के विद्यार्थियों को दो चरणों में 20 लाख लैपटॉप बांटने की घोषणा की थी, जिसका लक्ष्य उन्हें आज की तकनीकी दुनिया में आवश्यक डिजिटल कौशल से लैस करना है।
इस योजना के तहत, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों, कला और विज्ञान कॉलेजों, मेडिकल, कृषि और कानून संस्थानों, पॉलिटेक्निक और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान किए जाएंगे। पहले चरण में इन संस्थानों के कुल 10 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार डेल, एसर और एचपी जैसे प्रमुख ग्लोबल ब्रांड के लैपटॉप वितरित कर रही है। प्रत्येक डिवाइस में इंटेल आई3 प्रोसेसर, 8 जीबी रैम, 256 जीबी एसएसडी स्टोरेज, विंडोज 11 होम ऑपरेटिंग सिस्टम, एमएस ऑफिस 365 सॉफ्टवेयर और एक उच्च-गुणवत्ता वाला लैपटॉप बैग शामिल है।
अधिकारियों ने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों की डिजिटल क्षमताओं को काफी बढ़ाएगी और उनके रोजगार के अवसरों में सुधार करेगी। आधुनिक तकनीक तक पहुंच विद्यार्थियों को सूचना प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर विकास, डेटा एंट्री, डिजिटल मार्केटिंग, ग्राफिक डिजाइन, कोडिंग, वेब डिजाइन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में अवसर तलाशने में सक्षम बनाएगी।
सरकार ने कहा कि यह योजना घरों की आय बढ़ाने, गांवों और शहरों के बीच डिजिटल खाई को कम करने और तकनीक पर आधारित उद्यमिता के रास्ते खोलने में मदद करेगी।