क्या कांग्रेस को हम पर सवाल उठाने का कोई हक नहीं है? : दिनेश शर्मा
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा के चुनाव में पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन किया गया है।
- कांग्रेस का सवाल उठाना नैतिक हक नहीं है।
- भाजपा में सभी सदस्य स्वतंत्र रूप से नामांकन कर सकते हैं।
- प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष के बीच संबंधों में बड़ा अंतर है।
- कांग्रेस को अपनी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर ध्यान देना चाहिए।
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए नितिन नबीन के निर्विरोध चयन के बाद कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। कांग्रेस इस चुनाव को अनुचित करार दे रही है। इस पर अब राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने सख्त जवाब दिया है।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस किस अधिकार से हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर सवाल उठा रही है? कांग्रेस को सवाल उठाने का कोई नैतिक हक नहीं है। भाजपा में अब तक जितने भी चुनाव हुए हैं, वे सभी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हुए हैं और किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है। वहीं कांग्रेस में बिना किसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के किसी भी व्यक्ति को चुन लिया जाता है। ऐसे में इन्हें हमसे सवाल करने का कोई नैतिक हक नहीं है।"
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के लोगों को यह समझना चाहिए कि हमारी पार्टी में सही तरीके से राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए चुनाव हुए हैं। सभी चुनावी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। हमने सभी नियमों का पालन किया है। ऐसी स्थिति में मैं यही कहूंगा कि कांग्रेस को अपनी पार्टी में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सोनिया गांधी से कहते हैं कि "मैं आपकी वजह से यहां हूं," जबकि हमारी पार्टी में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अध्यक्ष को कहते हैं कि "आप मेरे बॉस हैं।" यही सबसे बड़ा अंतर है।
दिनेश शर्मा ने अंत में कहा कि हमारी पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए नामांकन पत्र भरा गया है। सभी लोग स्वतंत्र थे कि वे नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। हमारी पार्टी में सभी कार्यों के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन किया जाता है और इससे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाता है।