क्या कांग्रेस में केवल एक परिवार का राज है, सच बोलने वालों को गद्दार क्यों कहा जाता है?
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस में परिवार का राज: पार्टी में एक ही परिवार का नियंत्रण है।
- सच बोलने की कीमत: नेताओं को गद्दार कहा जाता है जब वे पार्टी के खिलाफ बोलते हैं।
- राहुल गांधी की चुनौतियाँ: उन्हें जनता का विश्वास नहीं मिला है।
- शिवसेना का विरोध: उद्धव ठाकरे की पार्टी हार के सदमे में है।
- चिदंबरम का ध्यान भटकाना: वे अपने बयानों से लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस में केवल एक परिवार का राज है, इसे बताने में क्या गलत है? पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद ने पार्टी से बाहर आकर सच्चाई बताई, तो कांग्रेस को मिर्ची क्यों लगी है? पार्टी के लोग उन्हें गद्दार बता रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कल तक शकील अहमद कांग्रेस के प्रवक्ता थे, और आज जब वह सच बोलते हैं, तो कांग्रेस उन्हें गद्दार कह रही है। राजनीति में यही होता है। जब कोई पार्टी के साथ रहता है, सब ठीक रहता है, लेकिन जब कोई सच बोलता है, तो वह बुरा हो जाता है।
भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि सबको पता है कि कांग्रेस में केवल एक ही परिवार का राज है, तो इसे कहना गलत क्यों है? गद्दार कहना कांग्रेस की संस्कृति बन गई है। कांग्रेस में लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है, निर्णय केवल एक परिवार ही करता है। कांग्रेस की वर्तमान स्थिति के लिए गांधी परिवार ही जिम्मेदार है।
राहुल गांधी पर तेजप्रताप यादव के बयान पर प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि वास्तव में उनके शब्दों का अर्थ यही है कि राहुल गांधी एक असफल नेता हैं, जिनकी लॉन्चिंग कई बार हुई लेकिन सफलता नहीं मिली। जनता का विश्वास उनकी पार्टी पर नहीं है।
शिवसेना (यूबीटी) के विरोध पर प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना अपनी हार के सदमे से उबर नहीं पाई है, इसलिए वे आरोप लगा रहे हैं जो आधारहीन हैं।
कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम के बयान पर प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं की समस्या है कि जो लोग निराश हैं, वे इससे उबर नहीं पा रहे हैं। पद्म पुरस्कार एक सम्मानित पुरस्कार है, लेकिन चिदंबरम केवल अपने बयानों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।