क्या कांग्रेस ने बिहार, यूपी समेत छह राज्यों में जिला अध्यक्षों के चयन के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए?
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नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संगठन सृजन अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों के चयन हेतु बिहार और उत्तर प्रदेश सहित छह राज्यों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों के चयन के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के प्रस्ताव को कांग्रेस अध्यक्ष ने तुरंत स्वीकृति दी है। इन राज्यों में बिहार, उत्तर प्रदेश, गोवा, Nagaland, Manipur और Meghalaya शामिल हैं।
प्रत्येक पर्यवेक्षक को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षकों के साथ मिलकर एक-एक जिले में तैनात किया जाएगा, ताकि जिला अध्यक्षों के चयन में सुविधा हो सके।
बिहार में २९, उत्तर प्रदेश में ७५, गोवा में ३, मेघालय में १०, मणिपुर में ९ और Nagaland में ९ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है।
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस कारण से जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों का चयन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विधानसभा चुनाव के दौरान बिहार में कांग्रेस को कड़ी हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी केवल ६ सीटों तक सीमित रह गई। इसके बाद पार्टी में मतभेदों और फूट की चर्चाएं उठने लगीं। २३ जनवरी को कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने बिहार के नेताओं और विधायकों के साथ एक बैठक की थी, जिसमें उनकी समस्याएँ सुनी गई थीं।
बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने की। इस बैठक में पार्टी की बिहार इकाई के भीतर संगठनात्मक कमजोरियों और बढ़ते असंतोष पर चर्चा की गई।
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि बिहार के कांग्रेस नेताओं को अपनी जिम्मेदारियों को पहचानना चाहिए और जमीनी स्तर पर गंभीरता से कार्य करना चाहिए।
खबरों के अनुसार, उन्होंने कहा कि यद्यपि वह आवश्यकता पड़ने पर नेताओं का समर्थन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनके अकेले प्रयासों से पार्टी का पुनरुद्धार नहीं हो सकता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिहार में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए सभी नेताओं के सामूहिक प्रयास, अनुशासन और सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।