क्या दावोस से यूपी के लिए निवेश की बरसात हुई है, 2.92 लाख करोड़ के प्रस्ताव?

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क्या दावोस से यूपी के लिए निवेश की बरसात हुई है, 2.92 लाख करोड़ के प्रस्ताव?

सारांश

दावोस में उत्तर प्रदेश ने निवेशकों का विश्वास जीतकर 2.92 लाख करोड़ के प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। इस आर्थिक छलांग से प्रदेश के विकास में नई दिशा मिल रही है। जानिए कैसे यूपी बन रहा है वैश्विक निवेश का नया केन्द्र।

Key Takeaways

  • दावोस में 2.92 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव
  • 31 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ एमओयू
  • डाटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी का नया केन्द्र
  • गूगल और ब्लैकरॉक जैसी कंपनियों की भागीदारी
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व

लखनऊ, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक निवेश मंच दावोस में उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण आर्थिक प्रगति करते हुए विश्व के निवेशकों का विश्वास प्राप्त किया है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) के दौरान यूपी को 2.92 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इस अवसर पर राज्य सरकार ने 31 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ निवेश समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिससे यूपी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा सेंटर, और ग्रीन एनर्जी का नया केन्द्र बनाने की दिशा में मजबूती मिली है।

दावोस में यूपी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि 19 से 23 जनवरी तक चले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में राज्य की ओर से 119 उच्च-स्तरीय निवेशक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, स्वीडन, और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों की कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश की प्रतिबद्धता जताई।

सरकार के अनुसार, निवेश प्रस्ताव डाटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवीकरणीय ऊर्जा, वेस्ट-टू-एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, और रक्षा क्षेत्र से संबंधित हैं। ब्लैकरॉक, गूगल, डेलॉइट, और मार्श मैकलेनन जैसी प्रमुख कंपनियों के साथ निवेश संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। दावोस में सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव एएम ग्रीन्स की ओर से सामने आया है। कंपनी ग्रेटर नोएडा में 1 गीगावॉट क्षमता का एआई-सक्षम डाटा सेंटर स्थापित करेगी। इस परियोजना में 2.10 लाख करोड़ रुपए का निवेश दो चरणों में किया जाएगा, जो प्रदेश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देगा।

अन्य प्रमुख निवेश समझौतों में एसएईएल इंडस्ट्रीज: 8,000 करोड़ रुपए, वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना आइनॉक्स जीएफएल ग्रुप: 10,500 करोड़ रुपए, सोलर पावर और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग टीडब्ल्यूआई ग्रुप (यूके): 1,100 करोड़ रुपए, हाइब्रिड मोटरसाइकिल प्लांट अर्ना फार्मा (ऑस्ट्रेलिया): 1,250 करोड़ रुपए, दवा निर्माण इकाई एसए टेक्नोलॉजीज: 200 करोड़ रुपए, प्रॉम्ट एबी इंडिया: 100 करोड़ रुपये, योमेन (रक्षा क्षेत्र): 150 करोड़ रुपए शामिल हैं।

वित्त मंत्री ने बताया कि दावोस में यूपी पवेलियन चारों दिन निवेशकों से भरा रहा। 130 देशों की भागीदारी वाले इस मंच पर उत्तर प्रदेश को एक तेजी से उभरते निवेश गंतव्य के रूप में व्यापक पहचान मिली। प्रतिनिधिमंडल में वित्त मंत्री के साथ आईआईडीसी के प्रमुख दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अमित सिंह, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद और यूपीनेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह शामिल रहे। सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और नीतिगत स्थिरता के कारण उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभर रहा है।

Point of View

जिससे प्रदेश का विकास हो रहा है। यह निवेश न केवल आर्थिक लाभ लाएगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगा।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

उत्तर प्रदेश ने दावोस में कितने निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए?
उत्तर प्रदेश ने दावोस में 2.92 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए।
दावोस में यूपी के पवेलियन में कौन-कौन शामिल थे?
दावोस में यूपी पवेलियन में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, दीपक कुमार, अमित सिंह, विजय किरण आनंद, और इंद्रजीत सिंह शामिल थे।
यूपी में कौन-कौन से प्रमुख निवेश प्रस्ताव हैं?
यूपी में प्रमुख निवेश प्रस्तावों में डाटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, और ग्रीन एनर्जी शामिल हैं।
कौन सी कंपनियों ने यूपी में निवेश की प्रतिबद्धता जताई?
कई कंपनियों जैसे गूगल, ब्लैकरॉक, और डेलॉइट ने यूपी में निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी का क्या महत्व है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।
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