दिल्ली की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को मिलेगा कानूनी दर्जा, सीएम रेखा गुप्ता ने पीएम मोदी का धन्यवाद किया

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दिल्ली की 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को मिलेगा कानूनी दर्जा, सीएम रेखा गुप्ता ने पीएम मोदी का धन्यवाद किया

सारांश

दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को मिली राहत, 1,511 कॉलोनियों को मिलेगा कानूनी दर्जा। सीएम रेखा गुप्ता ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया।

Key Takeaways

  • दिल्ली की 1,511 कॉलोनियों को कानूनी दर्जा दिया जाएगा।
  • केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार ने मिलकर 22 बाधाओं को दूर किया है।
  • 24 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया आरंभ होगी।
  • छोटी दुकानों को भी नियमित किया जाएगा।
  • दिल्ली का विकास और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण समाचार आया है। केंद्र की मोदी सरकार ने एक मील का पत्थर कदम उठाया है, जिससे लगभग ५० लाख लोगों को लाभ मिलेगा। अब दिल्ली की १,७३१ अनधिकृत कॉलोनियों में से १,५११ कॉलोनियों को 'जैसा है, जहां है' के आधार पर कानूनी मान्यता दी जाएगी। इसका अर्थ यह है कि जो परिवार वर्षों से अपने घरों में रह रहे थे लेकिन अधिकार से वंचित थे, उन्हें अब कानूनी रूप से अपने घर का अधिकार प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल का दिल्ली की जनता की ओर से धन्यवाद कहा। सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज का दिन दिल्ली के ४५ लाख निवासियों के लिए राहत, सम्मान और अधिकार का नया अध्याय लेकर आया है। प्रधानमंत्री ने लंबे समय से अनदेखी की गई इस पीड़ा को समझा और उन परिवारों के सपनों को महसूस किया, जो अपने घरों में रहते हुए भी अधिकार से वंचित थे। इसी संवेदनशीलता के साथ पीएम उदय योजना का मार्ग प्रशस्त हुआ और आज १,७३१ में से १,५११ अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ हुआ है।"

उन्होंने बताया कि २४ अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। ७ दिन में जाआईएस सर्वे, १५ दिन में आवेदन की कमी दूर करने की प्रक्रिया और ४५ दिन में हस्तांतरण डीड जारी करने की समयसीमा निर्धारित की गई है।

रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार ने मिलकर इस प्रक्रिया की २२ प्रमुख बाधाओं को दूर किया है ताकि लाखों परिवारों को उनका हक बिना किसी रुकावट के मिल सके। इसके अलावा, २० वर्गमीटर तक की छोटी दुकानों को भी शर्तों के साथ नियमित किया जाएगा, जिससे छोटे व्यापारियों को भी राहत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी दृष्टिकोण के अनुसार, दिल्ली के भविष्य को मजबूत किया जा रहा है। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के तहत मेट्रो और आरआरटीएस कॉरिडोर के आसपास ५०० मीटर के दायरे में लगभग २०७ वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में योजनाबद्ध, उच्च घनत्व और मिश्रित उपयोग विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे सस्ती आवास व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी और आसान जीवन का मार्ग प्रशस्त होगा, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह एक महत्वपूर्ण सहारा बनेगा।

वास्तव में, २०१९ में अवैध कॉलोनियों के लिए पीएम उदय योजना लागू की गई थी, जिसमें भवनों को नियमित करने की योजना थी। उस समय केवल ४० हजार मकानों को नियमित किया गया था और इसकी गति धीमी थी। अब इस प्रक्रिया को काफी सरल और तेज बनाया गया है। दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग कन्वेंस डीड जारी करेगा, जिससे लोगों को अपने घरों पर कानूनी अधिकार तुरंत मिलेंगे।

Point of View

बल्कि यह केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग का भी प्रतीक है, जो कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या अनधिकृत कॉलोनियों को कानूनी दर्जा मिलने से निवासियों को क्या लाभ होगा?
हां, कानूनी दर्जा मिलने से निवासियों को अपने घरों पर कानूनी अधिकार प्राप्त होंगे, जिससे वे सुरक्षित और स्थायी निवास कर सकेंगे।
आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होगी?
आवेदन प्रक्रिया 24 अप्रैल से शुरू होगी।
छोटी दुकानों को नियमित करने की योजना क्या है?
20 वर्गमीटर तक की छोटी दुकानों को शर्तों के साथ नियमित किया जाएगा।
क्या यह कदम गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए सहारा बनेगा?
जी हां, यह कदम गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए किफायती आवास और बेहतर जीवन के अवसर प्रदान करेगा।
पीएम उदय योजना का उद्देश्य क्या है?
पीएम उदय योजना का उद्देश्य अवैध कॉलोनियों को नियमित करना और निवासियों को कानूनी अधिकार प्रदान करना है।
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