क्या दिल्ली भाजपा ने 'बॉर्डर 2' की विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली भाजपा ने 'बॉर्डर 2' की विशेष स्क्रीनिंग की।
- भाजपा अध्यक्ष ने वीरता का महत्व बताया।
- फिल्म ने दृढ़ संकल्प और गर्व के संदेश को साझा किया।
- युवाओं में राष्ट्रवाद को प्रोत्साहित किया गया।
- इस प्रकार के कार्यक्रम देशभक्ति की भावना को बढ़ाते हैं।
नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली भाजपा के मीडिया विभाग ने शनिवार को डिलाइट डायमंड हॉल में देशभक्ति फिल्म 'बॉर्डर 2' की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की। इस बारे में जानकारी एक पार्टी नेता ने दी।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मटिया महल विधानसभा क्षेत्र के मीडियाकर्मियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर इस फिल्म का आनंद लिया।
इस विशेष अवसर पर भाजपा के मीडिया विभाग के प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर, पार्टी प्रवक्ता विक्रम मित्तल, यासिर जिलानी, नितिन त्यागी, विक्रम विधुरी और अमित गुप्ता ने दिल्ली भाजपा अध्यक्ष और फिल्म देखने आए मीडियाकर्मियों का स्वागत किया।
इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सचदेवा ने कहा कि यदि हमारे पास कुछ पाने का दृढ़ संकल्प है, तो हम असंभव लगने वाली सबसे कठिन परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि फिल्म 'बॉर्डर 2' भी यही महत्वपूर्ण संदेश देती है।
भाजपा नेता सचदेवा ने आगे कहा कि हाल ही में, 23 जनवरी को दिल्ली में भारी बारिश के बावजूद भारतीय सेना और अन्य सशस्त्र बलों ने गणतंत्र दिवस परेड का पूर्वाभ्यास किया और अपनी वीरता का अद्वितीय प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन हर भारतीय के लिए गर्व का अवसर है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भारत के गणतंत्र दिवस पर प्रदर्शित सैन्य प्रदर्शन और झांकियां हमें याद दिलाती हैं कि भारत का इतिहास गौरवशाली है और भविष्य उज्ज्वल है।
उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्र के गौरव की गाथा बहुत पुरानी और गौरवशाली है।
उन्होंने कहा कि कोई भी घटना हमारी वीरता को रोक नहीं सकती।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है और किसी भी बाधा को इस प्रगति को रोकने के लिए नहीं आने दिया जाएगा।
दिल्ली भाजपा मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि 'बॉर्डर 2' बदलती हुई युवा पीढ़ी को भारतीय सेना की बहादुरी से परिचित कराती है और इस तरह की देशभक्ति फिल्मों की सफलता यह दर्शाती है कि देश में युवाओं और समाज के अन्य वर्गों के बीच राष्ट्रवाद की जड़ें कितनी मजबूत हैं।