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दिल्ली ब्लास्ट मामला: क्या एनआईए ने चार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया?

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दिल्ली ब्लास्ट मामला: क्या एनआईए ने चार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया?

सारांश

दिल्ली में आतंकवादी ब्लास्ट के मामले में एनआईए ने चार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया है। क्या यह मामला और भी गहरा है? जानें इस सनसनीखेज घटना के बारे में और क्या है इन आरोपियों की भूमिका।

मुख्य बातें

दिल्ली में 10 नवंबर को हुआ आतंकवादी विस्फोट।
एनआईए ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों की न्यायिक हिरासत 12 दिन बढ़ाई गई।
जांच में सुसाइड बॉम्बिंग का खुलासा हुआ।
इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

नई दिल्ली, 12 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। देश की राजधानी दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के निकट हुई कार में विस्फोट की घटना में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को चार आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। इन आरोपियों में डॉक्टर मुजम्मिल, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद और आदिल अहमद शामिल हैं। इन्हें पिछले हिरासत के समाप्त होने के बाद अदालत में लाया गया।

कोर्ट ने इन सभी चार आरोपियों को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश जारी किया है।

एनआईए ने अदालत को बताया कि आरोपी डॉ. मुजम्मिल, डॉ. उमर नबी, आदिल अहमद, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान और इरफान अहमद मिलकर एक बड़ी साजिश की योजना बना रहे थे। एजेंसी के अनुसार, इस मॉड्यूल का उद्देश्य राजधानी में व्यापक अशांति फैलाना और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाना था। जांच में यह भी पता चला है कि डॉ. उमर नबी ने ही कार में विस्फोट किया था।

चारों मुख्य आरोपियों को एनआईए की हिरासत समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां उनके खिलाफ एकत्रित प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की गई। अदालत ने गंभीरता को देखते हुए सभी को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

इस मामले का पांचवां आरोपी बिलाल नासिर भी अदालत में लाया गया, लेकिन उसका पेश करने का उद्देश्य भिन्न था। एनआईए ने उससे वॉयस सैंपल लेने की अनुमति मांगी है ताकि कथित साजिश से जुड़े इंटरसेप्टेड कॉल्स और डिजिटल सबूतों का मिलान किया जा सके।

जांच एजेंसी का कहना है कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और इससे जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।

गौरतलब है कि दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर6:52हुंडई आई20 कार में जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना भयानक था कि कई गाड़ियां जलकर राख हो गईं, पास की दुकानों के शीशे बिखर गए। इस विस्फोट में 11 लोगों की जान चली गई थी और कई लोग घायल हो गए थे।

इस पूरे मामले की जांच एनआईए कर रही है, जिसमें सुसाइड बॉम्बिंग का भी खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी डॉ. उमर (जो अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा है) और पुलवामा का निवासी है, जिसे आईएसआईएस से प्रेरित बताया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि इससे जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच आवश्यक है। हम सभी को एक मजबूत और सुरक्षित भारत के लिए एकजुट होना होगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली ब्लास्ट मामले में क्या हुआ था?
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को एक कार में विस्फोट हुआ, जिसमें 11 लोगों की जान गई और कई लोग घायल हुए।
एनआईए ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
एनआईए ने चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें डॉक्टर मुजम्मिल, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान और आदिल अहमद शामिल हैं।
क्या इन आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत हैं?
हां, एनआईए ने आरोपियों के खिलाफ प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक हिरासत की मांग की है।
क्या यह मामला और भी गंभीर है?
बिल्कुल, एनआईए के अनुसार यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और इसकी गहन जांच की जा रही है।
इस विस्फोट का उद्देश्य क्या था?
आरोपियों का उद्देश्य राजधानी में अशांति फैलाना और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाना था।
राष्ट्र प्रेस
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