दिल्ली: सीसीटीवी फुटेज से पकड़े गए वाहन चोर, शाहदरा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली की गांधी नगर पुलिस (शाहदरा जिला) ने 26 सितंबर 2026 को वाहन चोरी के एक सुनियोजित मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से दो चोरी की होंडा एक्टिवा स्कूटी और एक मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी वाहनों का लॉक तोड़कर चोरी करते थे और अब तक कई थाना क्षेत्रों में वारदात को अंजाम दे चुके थे।
मामले की शुरुआत और जाँच प्रक्रिया
8 सितंबर 2026 को राजगढ़ कॉलोनी से एक स्कूटी चोरी हुई थी, जिसकी 9 सितंबर को गांधी नगर थाने में ई-एफआईआर दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी शाहदरा की निगरानी, एसीपी गांधी नगर के मार्गदर्शन और एसएचओ इंस्पेक्टर राज कुमार की देखरेख में एक विशेष जाँच टीम बनाई गई।
इस टीम में एएसआई राहुल, हेड कांस्टेबल अभय पंवार, जितेंद्र, प्रमोद, विजयपाल और कांस्टेबल प्रिंस शामिल थे। टीम ने दिल्ली पुलिस के कैमरों सहित आरोपियों के भागने वाले रास्ते पर लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया।
मुख्य घटनाक्रम: कैसे टूटा जुर्म का सिलसिला
सीसीटीवी फुटेज में दो व्यक्ति स्कूटी का लॉक तोड़कर वाहन लेकर भागते नज़र आए। तकनीकी विश्लेषण के ज़रिए एक आरोपी के चेहरे की पहचान की गई। लगातार सीसीटीवी एनालिसिस, तकनीकी जाँच और फील्ड वेरिफिकेशन के बाद पुलिस ने आरोपियों का ठिकाना उजागर किया।
पहले आरोपी की पहचान समीर (26 वर्ष), निवासी न्यू बृजपुरी, जगतपुरी, दिल्ली के रूप में हुई। पूछताछ में समीर ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने अपने साथी सोहेल के साथ मिलकर चोरी की वारदातें की थीं। समीर की निशानदेही पर दूसरे आरोपी सोहेल (20 वर्ष), निवासी ओल्ड बृजपुरी, खुरेजी खास, जगतपुरी को अलीगढ़, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने जाँच के दौरान तीन चोरी की वस्तुएँ बरामद कीं। पहली स्कूटी 18 सितंबर को गांधी नगर थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी, जबकि दूसरी स्कूटी 15 सितंबर को जीटीबी एन्क्लेव थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी। इसके अलावा प्रीत विहार थाना क्षेत्र से चोरी किया गया एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।
गौरतलब है कि तीनों वारदातें अलग-अलग पुलिस थाना क्षेत्रों में हुई थीं, जो यह दर्शाता है कि आरोपियों का नेटवर्क कई इलाकों में फैला हुआ था।
आगे की जाँच
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनकी भूमिका और कितने वाहन चोरी तथा संपत्ति से जुड़े अपराधों में रही है, और क्या इस गिरोह में कोई अन्य सदस्य भी शामिल है। जाँच अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।