क्या दिल्ली में रेप के दो मामलों में फरार शख्स गुरुग्राम से गिरफ्तार हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- करण डोलतानी को 2016 और 2022 के रेप मामलों में गिरफ्तार किया गया।
- गिरफ्तारी ने न्याय की प्रक्रिया को मजबूत किया है।
- पुलिस की कार्यवाही से जनता का भरोसा बढ़ा है।
- आरोपी कमजोर लड़कियों को निशाना बनाता था।
- गिरफ्तारी से समाज में सुरक्षा का संकेत मिलता है।
नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रेप के दो मामलों में फरार चल रहे आरोपी करण डोलतानी (33) को गिरफ्तार किया है। करण मटियाला एक्सटेंशन का निवासी है। बिंदापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में उसकी तलाश की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार, पहला मामला वर्ष 2016 का है। उस समय आरोपी ने अपने घर में काम करने वाली घरेलू सहायिका की बेटी के साथ रेप किया था। इस घटना के बाद बिंदापुर थाने में प्राथमिकी धारा 376 आईपीसी के अंतर्गत दर्ज की गई। अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई। बाद में उसकी पत्नी की मेडिकल स्थिति के आधार पर उसे 28 दिनों के लिए अंतरिम जमानत मिली। जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद उसने सरेंडर नहीं किया और फरार हो गया।
दूसरा मामला वर्ष 2022 का है। आरोपी ने अपनी पत्नी की सहेली के साथ दुष्कर्म किया, जिसमें अपहरण जैसी हरकतें भी शामिल थीं। यह मामला भी बिंदापुर थाने में धारा 341, 342, 376 और 377 आईपीसी के तहत दर्ज किया गया। आरोपी इस मामले में भी गिरफ्तारी से बचता रहा।
क्राइम ब्रांच की टीम को इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश सौंपी गई। टीम ने मैनुअल और तकनीकी दोनों तरीकों से उसकी निगरानी की। कांस्टेबल मुकेश को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम में घमरोज टोल प्लाजा के पास टोल रोड पर आएगा। इसकी पुष्टि हेड कांस्टेबल भंवर ने तकनीकी जांच से की।
डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा, आईपीएस के निर्देश पर इंस्पेक्टर गौतम मलिक की अगुवाई में टीम बनाई गई, जिसमें एसआई कुलदीप, एसआई रवि, एचसी भंवर और कांस्टेबल मुकेश शामिल थे। टीम ने एसीपी राज पाल डाबास की निगरानी में जाल बिछाया और आरोपी को गुरुग्राम के टोल रोड से गिरफ्तार कर लिया।
करण डोलतानी ने बताया कि वह कॉल सेंटर में काम करता था। उसके खिलाफ पहले भी दिल्ली के विभिन्न थानों में ऐसे गंभीर मामले दर्ज हैं। वह कमजोर लड़कियों को निशाना बनाता था, उनके भरोसे और मजबूरी का फायदा उठाता था। उसका आपराधिक रिकॉर्ड बार-बार जघन्य यौन अपराधों का पैटर्न दिखाता है, जो समाज के लिए बड़ा खतरा था।
इस सफल गिरफ्तारी से न्याय की प्रक्रिया मजबूत हुई है। फरार अपराधी को कानून के दायरे में लाकर पीड़िताओं को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है और पुलिस की कार्रवाई से जनता का भरोसा मजबूत हुआ है।