क्या दिल्ली में सोशल मीडिया पर हथियार लहराने वाला युवक गिरफ्तार हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- अवैध हथियार रखने पर गंभीर कानूनी कार्रवाई होती है।
- सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन से युवा प्रभावित हो रहे हैं।
- पुलिस की जागरूकता अभियान आवश्यक है।
- गैंगस्टरों के संपर्क में रहने से युवा अपराध की ओर बढ़ सकते हैं।
- समाज में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की सक्रियता जरूरी है।
नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। द्वारका जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) ने एक अहम कार्रवाई के तहत अवैध हथियार लिए हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने सोशल मीडिया पर अपने साथ हथियार की तस्वीरें साझा की थीं और अपने दोस्तों के बीच रौब जमाने का प्रयास किया था। पुलिस ने उसके पास से एक देसी सिंगल शॉट पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार युवक की पहचान मनीष उर्फ मिषु (19) के रूप में हुई, जो दिल्ली का निवासी है। वह कुख्यात नजफगढ़ और आसपास के गैंगस्टरों से प्रभावित था और अपराध की दुनिया में कदम रखने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस के एक प्रेस नोट में बताया गया कि द्वारका जिले की एएटीएस को अवैध हथियार रखने वाले लोगों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया था। इस दिशा में इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र, हेड कांस्टेबल मनीष, सोनू, संदीप और मनोज शामिल थे।
टीम ने एसीपी/ऑप्स द्वारका श्री रविंदर अहलावत की देखरेख में काम किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप प्रोफाइल पर नजर रखना शुरू किया, जहां अपराधी हथियारों के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट कर अपने प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश करते हैं। इसके साथ, गुप्त सूचना तंत्र को भी सक्रिय किया गया।
लगातार प्रयासों के बाद 2 जनवरी को गैंगस्टरों से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच के दौरान एएटीएस टीम को महत्वपूर्ण सूचना मिली। उसी जानकारी के आधार पर मनीष उर्फ मिषु को पकड़ा गया, जिसके पास से एक देसी सिंगल राउंड पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। इस आधार पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर संख्या 06/26, धारा 25/54/59 आर्म्स एक्ट के तहत थाना बीएचडी नगर, दिल्ली में मामला दर्ज किया गया।
पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई कि मनीष झरोदा कलां गाँव का स्थायी निवासी है और उसने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। पढ़ाई छोड़ने के बाद वह नजफगढ़ क्षेत्र के कुख्यात गैंगस्टर ओम प्रकाश उर्फ काला और उसके भाई अमित उर्फ बागे के संपर्क में आया, जो इस समय एमसीओसीए मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अवैध हथियार खरीदे थे और अपने दोस्तों के बीच उन्हें दिखाकर प्रभाव बनाने का प्रयास किया था। वह हथियार के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया और व्हाट्सएप स्टेटस/डीपी पर भी साझा करता था।
द्वारका जिला पुलिस ने इस कार्रवाई को अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है और स्पष्ट किया है कि अवैध हथियार रखने वालों और सोशल मीडिया के माध्यम से आतंक फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।