क्या सचिन पायलट ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई का प्रचार किया?

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क्या सचिन पायलट ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई का प्रचार किया?

सारांश

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में छात्रों का चुनाव प्रचार ज़ोरों पर है। सचिन पायलट ने एनएसयूआई के उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाने के लिए नार्थ कैंपस में संवाद किया। क्या वे चुनाव में जीतने में सफल होंगे?

मुख्य बातें

सचिन पायलट का एनएसयूआई के समर्थन में प्रचार दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र बदलाव की चाह रखते हैं छात्र राजनीति में संवाद की आवश्यकता मुख्य मुकाबला एनएसयूआई और एबीवीपी के बीच प्रगतिशील और समावेशी छात्र वातावरण का निर्माण

नई दिल्ली, 15 सितम्बर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में छात्रों का चुनाव प्रचार जोरदार तरीके से चल रहा है। इसी सिलसिले में सोमवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट दिल्ली विश्वविद्यालय आए। यहाँ उन्होंने कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट दिल्ली विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस में उपस्थित हुए। यहाँ उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य एनएसयूआई के उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाना था।

महत्वपूर्ण है कि 18 सितम्बर को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के चुनाव होने वाले हैं। सचिन पायलट के साथ एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी और दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव भी मौजूद थे। पायलट ने नार्थ कैंपस स्थित मिरांडा हाउस कॉलेज, कैंपस लॉ सेंटर (सीएलसी) और हिन्दू कॉलेज का दौरा किया।

इस दौरान सचिन पायलट ने आगामी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डीयूएसयू) चुनाव के मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने एनएसयूआई के उम्मीदवारों की जीत पर पूरा विश्वास व्यक्त किया।

सचिन पायलट ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय हमारे देश के सबसे महत्वपूर्ण विश्वविद्यालयों में से एक है। यहाँ एनएसयूआई के सभी चारों उम्मीदवार छात्रों के समर्थन और विश्वास के साथ निश्चित रूप से जीतेंगे। डीयू के छात्र बदलाव की इच्छा रखते हैं। छात्र केंद्र और राज्य सरकारों की असफलताओं से अवगत हैं। वे हमारी विचारधारा और दृष्टि पर भरोसा करते हैं और यह परिणामों में भी नजर आएगा।

सचिन पायलट का दौरा एनएसयूआई पैनल के व्यापक जनसंपर्क अभियान का हिस्सा था। एनएसयूआई के अनुसार, इसका लक्ष्य छात्रों के साथ संवाद स्थापित करना और छात्र राजनीति को मजबूत बनाना है।

इस दौरान एनएसयूआई ने कहा कि वे एक प्रगतिशील, समावेशी और छात्र-सहायक वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन एनएसयूआई और भाजपा समर्थित छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बीच है। एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद के लिए एक छात्रा जोश्लिन नंदिता चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, अध्यक्ष पद पर एबीवीपी ने आर्यन मान को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक पार्टियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस चुनाव में युवा वोटरों की राय को समझना आवश्यक है क्योंकि यह भविष्य की राजनीति को आकार देगा। सचिन पायलट का दौरा इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो छात्रों की आवाज़ को सुनने का प्रयास है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव कब हैं?
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 18 सितम्बर को होने वाले हैं।
सचिन पायलट ने किसके लिए प्रचार किया?
सचिन पायलट ने कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया।
एनएसयूआई के अध्यक्ष पद का उम्मीदवार कौन है?
एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद के लिए जोश्लिन नंदिता चौधरी को उम्मीदवार बनाया है।
क्या सचिन पायलट ने छात्रों से संवाद किया?
हाँ, उन्होंने छात्रों से संवाद किया और समर्थन जुटाने का प्रयास किया।
मुख्य मुकाबला किसके बीच है?
मुख्य मुकाबला कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई और भाजपा समर्थित एबीवीपी के बीच है।
राष्ट्र प्रेस