9 अक्टूबर 2026
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धार में चलती कार में लगी भीषण आग, पुलिस की डायल-112 टीम ने सातों यात्रियों को सुरक्षित बचाया

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धार में चलती कार में लगी भीषण आग, पुलिस की डायल-112 टीम ने सातों यात्रियों को सुरक्षित बचाया

सारांश

अहमदाबाद से उज्जैन महाकाल दर्शन जा रहे सात श्रद्धालु उस वक्त मौत के मुँह से लौटे जब धार जिले के बोरखली हाईवे पर उनकी मारुति अर्टिगा में आग भड़क उठी। डायल-112 की दो टीमों की त्वरित कार्रवाई से सभी सात यात्री बच गए, भले ही वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया।

मुख्य बातें

9 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के धार जिले के बोरखली हाईवे पर चलती कार में आग लगी।
मारुति सुजुकी अर्टिगा में सवार सात यात्री अहमदाबाद से उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए जा रहे थे।
पुलिस की डायल-112 सेवा की एफआरवी-14 और एफआरवी-11 टीमों ने सभी सात यात्रियों को सुरक्षित बचाया।
वाहन पूरी तरह जल गया; कपड़े, सामान और लगभग ₹8,000 नकद भी नष्ट।
बचाव दल में प्रकाश , तुलसीराम मेडा , सौरभ मोरे और नितेश बाबेरिया की अहम भूमिका रही।

मध्य प्रदेश के धार जिले में 9 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को हाईवे पर एक चलती कार में अचानक आग लग गई, जिसमें सात यात्री सवार थे। पुलिस की डायल-112 सेवा की त्वरित प्रतिक्रिया से सभी सातों यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, हालाँकि वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया।

घटनाक्रम: कैसे लगी आग

पुलिस के अनुसार, अहमदाबाद से उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए जा रही एक मारुति सुजुकी अर्टिगा कार राजोद थाना क्षेत्र के बोरखली इलाके में हाईवे पर थी, जब उसमें अचानक आग भड़क उठी। कार में सवार सभी सात यात्री वाहन के अंदर फँस गए और बाहर निकलने में असमर्थ थे।

डायल-112 की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही थाना राजोद की एफआरवी-14 और थाना सरदारपुर की एफआरवी-11 तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं। मौके पर पहुँची दोनों टीमों ने स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए बिना देरी किए सभी सात यात्रियों को जलती कार से सुरक्षित बाहर निकाला। इस बचाव कार्य की समयबद्धता ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।

नुकसान का ब्यौरा

वाहन में आग इतनी तेज़ थी कि मारुति सुजुकी अर्टिगा कार पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। पुलिस के अनुसार, कार में रखा सामान, कपड़े और लगभग ₹8,000 की नकद राशि भी आग की भेंट चढ़ गई। यात्रियों की जान बचने को ही इस हादसे में सबसे बड़ी राहत माना जा रहा है।

बचाव दल के नायक

इस राहत एवं बचाव अभियान में एफआरवी-14, थाना राजोद के प्रकाश, कांस्टेबल 1125 एवं तुलसीराम मेडा (पायलट) तथा एफआरवी-11, थाना सरदारपुर के सौरभ मोरे, कांस्टेबल 1210 एवं नितेश बाबेरिया (पायलट) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन अधिकारियों की सूझबूझ और साहस ने सात परिवारों को एक बड़े दुख से बचाया।

यात्रियों को आगे की यात्रा

बचाव कार्य के बाद पुलिस टीम ने सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया और बाद में उन्हें अन्य वाहन की व्यवस्था कर उज्जैन के लिए रवाना किया गया। यह घटना डायल-112 सेवा की प्रभावशीलता का एक ताज़ा उदाहरण बनकर सामने आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी वाहन सुरक्षा जाँच और अग्निशमन उपकरण की अनिवार्यता को लेकर जागरूकता सीमित है। पुलिस की तेज़ प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि लंबे हाईवे सफर पर निकलने वाले यात्री वाहनों में बुनियादी अग्नि सुरक्षा उपकरण सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी किसकी है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धार में कार आग की घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना 9 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को मध्य प्रदेश के धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के बोरखली इलाके में हाईवे पर हुई। कार में अचानक आग भड़क उठी जब वह हाईवे पर चल रही थी।
कार में सवार यात्री कहाँ जा रहे थे और सभी बच गए?
सभी सात यात्री अहमदाबाद से उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए जा रहे थे। पुलिस की डायल-112 टीम की त्वरित कार्रवाई से सभी सातों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
इस बचाव अभियान में किन पुलिसकर्मियों की भूमिका रही?
बचाव में एफआरवी-14, थाना राजोद के प्रकाश, कांस्टेबल 1125 और तुलसीराम मेडा (पायलट) तथा एफआरवी-11, थाना सरदारपुर के सौरभ मोरे, कांस्टेबल 1210 और नितेश बाबेरिया (पायलट) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों टीमें सूचना मिलते ही तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुईं।
आग में कितना नुकसान हुआ?
मारुति सुजुकी अर्टिगा कार पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। पुलिस के अनुसार, कार में रखे कपड़े, सामान और लगभग ₹8,000 की नकद राशि भी आग में जल गई।
घटना के बाद यात्रियों को कैसे मदद मिली?
बचाव के बाद पुलिस टीम ने सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया और अन्य वाहन की व्यवस्था कर उन्हें उनके गंतव्य उज्जैन के लिए रवाना किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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