यूपी में 2 करोड़ मतदाताओं के नाम काटने का आरोप, धर्मेंद्र यादव ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
सारांश
Key Takeaways
- धर्मेंद्र यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- यूपी में दो करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम काटे जाने का दावा।
- राजनीतिक प्रक्रिया में भाजपा के पक्ष में हेरफेर का आरोप।
- संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादाओं का उल्लंघन।
- कार्यकर्ताओं को सजग रहने की अपील।
आजमगढ़, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया है और भाजपा के पक्ष में मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप लगाया। उनका कहना है कि विपक्ष के विरोध के बावजूद चुनाव आयोग भाजपा के इशारों पर वोट काटने के षड्यंत्रों में लिप्त है।
उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे बूथ स्तर पर जांच करें कि कितने योग्य वोट काटे गए हैं। उन्हें जोड़ने की आवश्यकता है, क्योंकि भाजपा के लोग केवल षड्यंत्र कर रहे हैं। उनका कहना है कि यू.पी. में दो करोड़ से अधिक वोट काटे गए हैं।
धर्मेंद्र यादव ने बताया कि आजमगढ़ में साढ़े तीन लाख वोट काटे जाने की जानकारी मिली है। पहले से ही हमने शक किया था कि वोट काटे जाएंगे। एसआईआर के माध्यम से वे घुसपैठियों को हटाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें ये बताना चाहिए कि बिहार से कितने घुसपैठियों के नाम हटाए गए। यह पूरी प्रक्रिया विपक्ष के लोगों के वोट काटने की थी।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान 84 लाख वोटरों के जोड़े जाने पर विश्वास करना कठिन है। चुनाव आयोग पर अब कोई भरोसा नहीं है। जिस तरह से टीएमसी और चुनावी अधिकारियों के साथ व्यवहार किया गया, वह स्पष्ट है। चुनाव आयोग ने अपनी मान्यताओं, मर्यादाओं और आदर्शों को तोड़ दिया है।
धर्मेंद्र यादव ने यह भी कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की मर्यादाएं टूट रही हैं और संविधान मानने वाले लोग आहत हैं। जब से एसआईआर चल रहा है, हम लगातार आवाज उठा रहे हैं। संसद के सत्र में भी हमने मुद्दा उठाया।
उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को सजग रहने का निर्देश देते हुए कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर अंगूठा लगाने वालों के हस्ताक्षर वाले फॉर्म भर दिए गए हैं, जिसके खिलाफ आवाज उठाई गई है। इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है।