क्या एनडीए की रैली के बाद डीएमके में घबराहट है?
सारांश
Key Takeaways
- डीएमके में घबराहट का माहौल है।
- एनडीए की रैली ने राजनीतिक बदलाव के संकेत दिए हैं।
- भाजपा ने डीएमके पर व्यक्तिगत हमलों का आरोप लगाया है।
- अमित शाह के नेतृत्व में एनडीए एकजुट हो रहा है।
- महिला मतदाताओं तक पहुंचने की भाजपा की रणनीति पर सवाल उठाए गए हैं।
चेन्नई, 28 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु भाजपा के प्रवक्ता एएनएस प्रसाद ने डीएमके पर पलटवार करते हुए कहा है कि पार्टी में राजनीतिक घबराहट देखी जा रही है। उन्होंने मदुरंतकम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की रैली के बाद डीएमके के हमलों को लेकर एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी पलानीस्वामी का समर्थन किया।
भाजपा प्रवक्ता ने उदयनिधि स्टालिन और कनिमोझी की आलोचना की, जिन्होंने पलानीस्वामी को बार-बार भाजपा का 'गुलाम' कहा। उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले एनडीए की बढ़ती ताकत से निपटने में डीएमके की असमर्थता को दर्शाती है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मदुरंतकम की रैली ने पूरे तमिलनाडु में बदलाव के स्पष्ट संकेत दिए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि लोगों की बड़ी भागीदारी ने डीएमके नेतृत्व, विशेषकर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनके परिवार के सदस्यों को चिंता में डाल दिया है। एएनएस प्रसाद ने कहा कि वे राजनीतिक जमीन खोने को लेकर तेजी से चिंतित हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समन्वय में एनडीए राज्य में एक एकजुट और अनुशासित गठबंधन के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा, "पलानीस्वामी ने तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन के साथ मिलकर राज्यभर में बड़े पैमाने पर दौरे किए, ताकि डीएमके सरकार के तहत भ्रष्टाचार, शासन की विफलताएं और अधूरे वादों को उजागर किया जा सके।"
एएनएस प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला मतदाताओं तक पहुंचने पर सवाल उठाने वाले उदयनिधि स्टालिन के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इन टिप्पणियों को 'गैर-जिम्मेदाराना और गुमराह करने वाला' बताया और कहा कि केंद्र सरकार की महिला-केंद्रित कल्याणकारी योजनाओं से तमिलनाडु में लाखों परिवारों को लाभ हुआ है।
प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और पलानीस्वामी की एक साथ मौजूदगी 'डबल-इंजन शासन मॉडल' का प्रतीक है, जिसे गठबंधन 2026 में मतदाताओं के सामने पेश करना चाहता है। उन्होंने कहा कि एनडीए विकास, प्रशासनिक स्थिरता और पारदर्शी शासन के लिए प्रतिबद्ध है।
भाजपा ने डीएमके पर महंगाई, कानून-व्यवस्था की चिंताओं और कथित भ्रष्टाचार को लेकर जनता के असंतोष से ध्यान भटकाने के लिए व्यक्तिगत हमलों का सहारा लेने का आरोप लगाया। प्रसाद ने अंत में कहा कि एनडीए को 2026 के विधानसभा चुनावों में स्पष्ट बहुमत हासिल करने और तमिलनाडु में अगली सरकार बनाने का पूरा विश्वास है।