क्या कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने वाले डॉ. के. रामासामी को पद्म श्री मिलना एक सही कदम है?

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क्या कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने वाले डॉ. के. रामासामी को पद्म श्री मिलना एक सही कदम है?

सारांश

डॉ. के. रामासामी को पद्म श्री पुरस्कार मिलने से कृषि क्षेत्र में नई उम्मीदें जगी हैं। उनकी पहलें छोटे और मध्यम किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं। क्या इससे कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा? पढ़ें पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • डॉ. के. रामासामी को पद्म श्री पुरस्कार मिला है।
  • कृषि क्षेत्र में 30 प्रतिशत अधिक अनाज उत्पादन हो रहा है।
  • छोटे और मध्यम किसानों को सहायता की आवश्यकता है।
  • उन्होंने छोटे उपकरणों को बढ़ावा दिया है।
  • केंद्र सरकार उनके मॉडल को लागू करने के लिए सकारात्मक है।

कोयंबटूर, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कृषि क्षेत्र में अद्वितीय योगदान देने वाले तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (टीएनएयू) के पूर्व कुलपति डॉ. के. रामासामी को वर्ष 2026 के लिए पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले पद्म विभूषण, पद्म भूषण, और पद्म श्री देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को दिए जाते हैं।

इस वर्ष पद्म पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं की सूची हाल ही में जारी की गई, जिसमें कुल 113 व्यक्तियों को पद्म श्री के लिए चुना गया है। विज्ञान श्रेणी में डॉ. रामासामी का नाम शामिल होना कृषि जगत के लिए गर्व का विषय है।

पुरस्कार की घोषणा के बाद डॉ. रामासामी ने कोयंबटूर में राष्ट्र प्रेस के साथ एक साक्षात्कार में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने सबसे पहले देश के किसानों को बधाई देते हुए कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता किसानों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है।

उन्होंने बताया कि आज देश में अनाज का उत्पादन आवश्यकताओं से लगभग 30 प्रतिशत अधिक हो रहा है, लेकिन भंडारण और प्रबंधन की कमी के कारण इसका एक हिस्सा बर्बाद हो जाता है।

डॉ. रामासामी ने कृषि क्षेत्र में कार्यरत लोगों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया। पहला वर्ग खेत मजदूरों का है, जिनके पास अपनी जमीन नहीं होती और वे दूसरों के खेतों में कार्य करते हैं। दूसरा वर्ग छोटे और मध्यम किसानों का है, जिनके पास दो एकड़ या एक हेक्टेयर से कम जमीन होती है। तीसरा वर्ग उन किसानों का है, जो अधिक संसाधनों के साथ बड़े पैमाने पर उत्पादन करते हैं।

उन्होंने कहा कि बड़े किसानों पर पहले से ही ध्यान दिया जाता है, लेकिन असली जरूरत छोटे और मध्यम किसानों पर ध्यान केंद्रित करने की है। तमिलनाडु में लगभग 80 लाख ऐसे किसान हैं, जिन्हें जरूरत के अनुसार सहायता की आवश्यकता है। इसी सोच के तहत उन्होंने बड़े ट्रैक्टर और भारी मशीनों के स्थान पर छोटे और उपयोग में आसान उपकरणों को बढ़ावा दिया, ताकि किसान उन्हें स्वयं चला सकें और उनकी देखभाल भी कर सकें।

डॉ. रामासामी ने कहा कि कई बार किसान महंगे ट्रैक्टर और मशीनें खरीदते हैं, लेकिन वे केवल एक मौसम में ही उनका उपयोग कर पाते हैं। इसके बाद मशीनें खराब हो जाती हैं और पुनः उपयोग योग्य नहीं रहतीं। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने छोटे किसानों, विशेषकर विधवा महिलाओं को दुधारू पशु, मुर्गियां, भेड़ और बकरियां उपलब्ध कराने की योजना शुरू की। इससे उनकी आमदनी बढ़ी और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हुए।

उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार भी इस मॉडल को पूरे देश में लागू करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ साल पहले कृषि विभाग को लगातार चार वर्षों तक कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त हुआ था।

डॉ. रामासामी ने कहा कि जो अनुभव और सफलता उन्होंने तमिलनाडु में प्राप्त की है, उसी मॉडल को पूरे देश में लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

Point of View

बल्कि यह भारतीय कृषि के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी है। यह स्पष्ट है कि कृषि क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है और उनके विचारों से छोटे और मध्यम किसानों को लाभ मिलेगा। यह पुरस्कार उनके अनुभव और विशेषज्ञता का प्रतीक है, जो पूरे देश के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
NationPress
05/02/2026

Frequently Asked Questions

डॉ. के. रामासामी को किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है?
उन्हें वर्ष 2026 के लिए पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
कृषि क्षेत्र में डॉ. रामासामी की क्या विशेषताएँ हैं?
उन्होंने छोटे और मध्यम किसानों के लिए कई उपयोगी योजनाएँ बनाई हैं और कृषि उपकरणों को सरल बनाने पर जोर दिया है।
क्या डॉ. रामासामी की पहलें किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करेंगी?
हाँ, उनकी योजनाओं से किसानों की आमदनी में वृद्धि हुई है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।
केंद्र सरकार की नीति इस दिशा में क्या है?
केंद्र सरकार भी उनके मॉडल को पूरे देश में लागू करने के लिए सकारात्मक है।
डॉ. रामासामी ने किस प्रकार के किसानों का समर्थन किया है?
उन्होंने छोटे, मध्यम और विशेषकर विधवा महिलाओं को सहायता प्रदान करने की योजनाएँ बनाई हैं।
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