क्या द्वारका में अवैध हथियार के साथ अपराधी की गिरफ्तारी से सुरक्षा में सुधार होगा?
सारांश
Key Takeaways
- अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस की सक्रियता महत्वपूर्ण है।
- कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र की सुरक्षा में सुधार हो सकता है।
- इस घटना में पुलिस उपायुक्त की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
- आपराधिक मामलों में तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।
- पुलिस अब और गिरफ्तारी की योजना बना रही है।
नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के द्वारका क्षेत्र के पुलिस थाने बिंदापुर की टीम ने अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इलाके में अपराध करने की फिराक में घूम रहे बदमाशों पर नजर रखने के लिए निर्देशित किया गया था। इसके तहत पुलिस स्टेशन बिंदापुर में एक टीम का गठन किया गया, जिसमें हेड कॉन्स्टेबल नीरज, मुकेश और राजेश डागर शामिल थे। यह टीम इंस्पेक्टर नरेश सांगवान की देखरेख में लगातार इलाके में सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
पुलिस को विश्वसनीय स्रोतों से सूचना मिली कि एक शातिर अपराधी अवैध हथियार के साथ इलाके में किसी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है। इस सूचना के आधार पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। तलाशी में आरोपी के पास से एक देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।
जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी कुणाल कुलदीप एक ड्रग एडिक्ट है और उस पर पहले से ही 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि यदि समय पर गिरफ्तारी नहीं होती, तो आरोपी किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम दे सकता था।
पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह आईपीएस के कुशल मार्गदर्शन में की गई। डीसीपी ने जिले में अप्रिय घटनाओं को रोकने और अवैध हथियारों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
आरोपी की पहचान कुणाल कुलदीप पुत्र अनिल कुमार (30), निवासी मनसा राम पार्क, उत्तम नगर दिल्ली के रूप में हुई है।
इस संबंध में पुलिस स्टेशन बिंदापुर में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार कहां से लाया गया और इसके पीछे किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता तो नहीं है। उसके बयान के आधार पर अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी। इसके लिए और टीम का गठन किया जाएगा।