क्या चुनाव आयोग ने एसआईआर के लिए अधिकारियों के ट्रांसफर पर रोक लगाई?
सारांश
Key Takeaways
- ईसीआई ने आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर पर रोक लगाई।
- ट्रांसफर के आदेश आयोग की अनुमति के बिना नहीं हो सकते।
- एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
कोलकाता, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार को सूचित किया कि उसने राज्य सरकार के आदेश पर आईएएस अधिकारियों के डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। ये अधिकारी पश्चिम बंगाल कैडर के हैं और वर्तमान में राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए आयोग में अस्थायी रूप से तैनात हैं।
पश्चिम बंगाल की चीफ सेक्रेटरी नंदिनी चक्रवर्ती को भेजे गए एक पत्र में, ईसीआई के सेक्रेटरी सुजीत कुमार मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को भविष्य में ईसीआई में तैनात आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर के आदेश जारी करने से पहले आयोग की पूर्व अनुमति लेनी होगी।
ईसीआई के सेक्रेटरी ने राज्य के चीफ सेक्रेटरी को याद दिलाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित करना होगा कि इस प्रक्रिया में शामिल कोई भी अधिकारी बिना आयोग की पूर्व अनुमति के स्थानांतरित न किया जाए।
आयोग ने यह भी बताया कि ईसीआई ने एसआईआर के उद्देश्य के लिए पांच डिविजनल कमिश्नरों के साथ 12 निर्वाचन रोल पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया था, और ये अधिकारी एसआईआर के लिए आयोग में अस्थायी रूप से तैनात हैं।
इसके बाद, ईसीआई के सेक्रेटरी ने यह दावा किया कि हाल ही में आयोग ने देखा है कि राज्य सरकार ने तीन आईएएस अधिकारियों अश्विनी कुमार यादव, रणधीर कुमार और स्मिता पांडे के डिपार्टमेंटल ट्रांसफर का आदेश दिया है।
ईसीआई की विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश बिना आयोग की पूर्व अनुमति के जारी किया गया है, इसलिए यह आयोग के निर्देशों का उल्लंघन है।
उन्होंने आगे कहा कि मुझे यह निर्देश दिया गया है कि ट्रांसफर के आदेश तुरंत रद्द किए जाएं। इसके अलावा, आपसे अनुरोध है कि भविष्य में ऐसे आदेश जारी करने से पहले आयोग की पूर्व अनुमति लिया जाए। इस संबंध में अनुपालन 28 जनवरी को दोपहर 03:00 बजे तक आयोग को भेजा जाए।
जब यह रिपोर्ट पेश की गई, तब तक न तो राज्य सरकार और न ही सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई थी।
--आईएएस
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