क्या गणतंत्र दिवस पर किसानों ने केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाया?
सारांश
Key Takeaways
- किसानों को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
- किसान सम्मान निधि योजना से वित्तीय सहायता प्राप्त हो रही है।
- बिजली की उपलब्धता में सुधार हुआ है।
- बिचौलियों की भूमिका कम हुई है।
- किसानों के लिए बुनियादी विकास पर जोर दिया जा रहा है।
नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर कई राज्यों से आए किसानों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर पूसा में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें अनेक किसान उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री ने किसानों के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कई महत्वपूर्ण कदमों का उल्लेख किया।
किसानों ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में केंद्र सरकार की कार्यशैली को लेकर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाएं उन्हें हर क्षेत्र में सशक्त बना रही हैं।
सिहोर से आए किसान त्रिवोण सिंह ठाकुर ने बताया कि वे वर्तमान में तीन प्रकार की खेती कर रहे हैं और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। इसके साथ ही, उन्हें सब्सिडी भी मिलती है और बुनियादी विकास पर भी जोर दिया गया है। गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद दिया।
किसान जबलीश चौहान ने कहा कि उन्हें केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। पहले कांग्रेस के शासनकाल में बिजली केवल छह महीने मिलती थी, लेकिन अब 11 महीनेकिसानी लाभ का एक व्यवसाय बन चुकी है। पहले बिचौलिए सब कुछ खा जाते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।
सिहोर के किसान हेमराज चौहान ने कहा कि जो कुछ वे पहले अखबारों में पढ़ते थे, उसे आज अपनी आँखों से देख रहे हैं। उन्हें किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है और सब्सिडी का भी फायदा मिल रहा है। पहले किसानों के लिए लागत निकालना मुश्किल था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
किसान अंकित चौहान ने भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन में खेती लाभ का धंधा बन चुका है। हमें आज किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है।
बुधनी से आए किसान जगदीश शर्मा ने भी कहा कि मौजूदा सरकार किसानों के हितों का विशेष ध्यान रख रही है। इस कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें बहुत अच्छा लगा।
उन्होंने कहा कि आज हम विभिन्न प्रकार की फसलें उगा रहे हैं और पहले जो समस्याएँ थीं, वे अब समाप्त हो चुकी हैं। आज की तारीख में किसानों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है।