क्या कोलकाता में गणतंत्र दिवस परेड 2026 भारत की सैन्य शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन करेगी?
सारांश
Key Takeaways
- गणतंत्र दिवस परेड 2026 भारत की सैन्य शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन करेगा।
- भैरव बटालियन की भागीदारी आत्मनिर्भरता को दर्शाती है।
- स्वदेशी हथियार प्रणालियाँ राष्ट्रीय सुरक्षा में सुधार करेंगी।
- उच्च गतिशीलता सैन्य प्लेटफार्म युद्ध में सामर्थ्य को बढ़ाएंगे।
- सशस्त्र बलों की एकता और समर्पण का प्रतीक है।
कोलकाता, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कोलकाता में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड 2026 भारत की सैन्य शक्ति का एक अद्भुत प्रदर्शन करेगी, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और तकनीकी उन्नति के प्रति देश की प्रतिबद्धता को स्पष्ट करेगी। आत्मनिर्भर भारत की भावना को प्रदर्शित करते हुए, यह परेड वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए भारतीय सेना की परिचालन तत्परता को भी उजागर करेगी।
इस समारोह का एक महत्वपूर्ण आकर्षण नवगठित 6वीं भैरव बटालियन की भागीदारी होगी। यह बटालियन भारतीय सेना के एक तेज, अधिक चुस्त और तकनीकी-संचालित लड़ाकू बल बनने के लिए किए जा रहे परिवर्तनों का उदाहरण प्रस्तुत करेगी। उच्च गति और जटिल युद्ध परिस्थितियों में संचालन के लिए डिजाइन की गई, भैरव बटालियन पारंपरिक पैदल सेना और विशेष बलों के बीच की खाई को पाटेगी। आधुनिक निगरानी, गतिशीलता और आक्रमण क्षमताओं से लैस यह दल बहु-क्षेत्रीय और भविष्य के युद्ध के प्रति सेना के विकसित दृष्टिकोण को प्रदर्शित करेगा, जिसमें गति, सटीकता और अनुकूलनशीलता के साथ उभरते खतरों का मुकाबला करने के लिए भारत की तत्परता पर जोर दिया जाएगा।
परेड में स्वदेशी रूप से विकसित और उन्नत हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की प्रगति को सुदृढ़ करेगा। उन्नत रॉकेट और वायु रक्षा प्लेटफार्म सशस्त्र बलों की ड्रोन घुसपैठ सहित उभरते हवाई खतरों का मुकाबला करने की क्षमता का प्रदर्शन करेंगे, जिससे भारत की बहुस्तरीय वायु रक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
विभिन्न प्रकार के उच्च गतिशीलता और विशेष सैन्य प्लेटफार्म सेना की उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों से लेकर आपदाग्रस्त क्षेत्रों तक, विविध और दुर्गम भूभागों में संचालन करने की क्षमता को प्रदर्शित करेंगे। ये प्रदर्शन बढ़ी हुई गतिशीलता, उत्तरजीविता, रसद पहुंच और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं को दर्शाएंगे, जो युद्ध और मानवीय अभियानों दोनों में सहायक होंगे। स्वदेशी रूप से विकसित एक उभयचर वाहन भूमि और जल दोनों वातावरणों में निर्बाध रूप से संचालन करने की भारत की बढ़ती क्षमता को और उजागर करेगा।
अग्रिम पंक्ति की पैदल सेना और तोपखाने की टुकड़ियां, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना और सैन्य बैंड के तत्वों के साथ मिलकर पेशेवर दक्षता, समन्वय और एकजुटता का शानदार प्रदर्शन करेंगी, जो सशस्त्र बलों की राष्ट्रीय एकता और परिचालन तालमेल के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करेगा।