क्या गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ ने भारत की सैन्य शक्ति को दर्शाया?

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क्या गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ ने भारत की सैन्य शक्ति को दर्शाया?

सारांश

भारत ने 77वें गणतंत्र दिवस परेड में अपनी सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन किया। इस वर्ष की थीम 'वंदे मातरम के 150 साल' ने राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रबल किया। जानें इस ऐतिहासिक समारोह के बारे में दर्शकों के अनुभव और उनकी भावनाएं।

मुख्य बातें

गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन कर्तव्य पथ पर हुआ।
इस वर्ष की थीम थी “वंदे मातरम के 150 साल” .
भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया गया।
दर्शकों ने सांस्कृतिक विविधता का अनुभव किया।
महिलाओं की भागीदारी को सराहा गया।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने अपने 77वें गणतंत्र दिवस का आयोजन पूर्ण गर्व, उत्साह और भव्यता के साथ किया, जिसमें देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, तेजी से बढ़ती आर्थिक प्रगति और मजबूत रक्षा क्षमताओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड की थीम “वंदे मातरम के 150 साल” थी, जिसने राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक प्रबल किया।

कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में आधुनिक मिसाइलें, लड़ाकू विमान और अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया, जिसने भारत की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया। परेड को देखने के लिए देशभर से आए हजारों लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और उन्होंने इस ऐतिहासिक मौके को यादगार बताया।

वैशाली आनंदा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि वह अब तक परेड को केवल टीवी पर देखती थीं, लेकिन प्रत्यक्ष रूप से इसे देखने की उनकी लंबे समय से इच्छा थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को करीब से देखना उनके लिए विशेष अनुभव रहा।

उन्होंने बताया कि वह दूसरी पंक्ति में बैठी थीं और पूरे आयोजन को देखकर उन्हें गर्व महसूस हुआ। उनके अनुसार, भारत एक विशाल और विविधताओं से भरा देश है और इस बार की परेड पहले से भी अधिक शानदार और प्रभावशाली रही।

वैभव ने कहा कि झांकियों को देखकर बेहद अच्छा लगा। विभिन्न राज्यों की झांकियों के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विविधता एक ही मंच पर देखने को मिलती है। उन्होंने फाइटर जेट्स की गर्जना और भारतीय सेना के जवानों के जोश की विशेष रूप से सराहना की और कहा कि भारतीय सैनिकों का उत्साह और अनुशासन पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायक है।

स्वप्नल ने परेड में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सराहते हुए कहा कि इस बार झांकियों और मार्च पास्ट में नारी शक्ति का सशक्त प्रदर्शन देखने को मिला, जो गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि पूरा भारत इस दृश्य को देखकर गौरवान्वित महसूस कर रहा है। महाराष्ट्र से आईं स्वप्नल ने अपने राज्य की झांकी की भी तारीफ की और बताया कि इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर आधारित झांकी विशेष रूप से आकर्षक रही।

आदित्य ने कहा कि उन्हें राफेल लड़ाकू विमानों का हवाई प्रदर्शन सबसे अधिक पसंद आया। उन्होंने बताया कि यह उनका पहला मौका था, जब वे गणतंत्र दिवस परेड देखने आए और विभिन्न राज्यों की झांकियों को एक साथ देखकर उन्हें भारत की विविधता और एकता का सजीव अनुभव हुआ।

वहीं, तृप्ति शुक्ला ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान जब सभी झांकियां एक साथ कर्तव्य पथ पर दिखाई देती हैं, तो उस क्षण भारत का जो स्वरूप सामने आता है, वह वास्तव में अद्भुत होता है। उन्होंने भारतीय सेना के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इससे साफ झलकता है कि भारत निरंतर सशक्त बन रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सैन्य क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। यह हमें एकजुटता और गर्व की भावना के साथ जोड़ता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणतंत्र दिवस परेड का उद्देश्य क्या है?
गणतंत्र दिवस परेड का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता , सैन्य शक्ति और आर्थिक प्रगति को प्रदर्शित करना है।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड की थीम क्या थी?
'वंदे मातरम के 150 साल' थीम इस बार की परेड का मुख्य आकर्षण थी।
क्या दर्शकों का अनुभव इस बार के परेड में अलग था?
हाँ, दर्शकों ने इस बार की परेड को पहले से अधिक शानदार और प्रभावशाली बताया।
महिलाओं की भागीदारी परेड में कैसे दिखाई दी?
इस बार की परेड में महिलाओं की भागीदारी का सशक्त प्रदर्शन देखने को मिला।
गणतंत्र दिवस परेड में कौन से प्रमुख हथियारों का प्रदर्शन हुआ?
परेड में आधुनिक मिसाइलें , लड़ाकू विमान और अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया।
राष्ट्र प्रेस