क्या गौ माता और भारत माता अलग नहीं हैं? : आचार्य प्रमोद कृष्णम

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क्या गौ माता और भारत माता अलग नहीं हैं? : आचार्य प्रमोद कृष्णम

सारांश

फिल्म 'गोदान' के निर्माता और आचार्य प्रमोद कृष्णम के बयान ने गौ माता और भारत माता की अंतर्निहित एकता को उजागर किया है। जानें, क्यों गौ सेवा को वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हैं वे।

Key Takeaways

  • गौ माता और भारत माता की एकता का महत्व।
  • गौ सेवा को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता।
  • पंचगव्य के लाभ।
  • गौ पालन का सामाजिक और राष्ट्रीय महत्व।
  • फिल्म 'गोदान' का सांस्कृतिक महत्व।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। फिल्म ‘गोदान’ के निर्देशक एवं निर्माता विनोद चौधरी तथा गौ गतिविधि के संयोजक हरिशंकर और मीडिया प्रभारी शांतनु शुक्ला ने आचार्य प्रमोद कृष्णम (पीठाधीश्वर, श्री कल्कि धाम) से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर 6 फरवरी 2026 को रिलीज होने जा रही प्रेरणादायक फिल्म ‘गोदान’ का आधिकारिक पोस्टर आचार्य प्रमोद कृष्णम के आवास पर विमोचित किया गया।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि गौ माता और भारत माता अलग नहीं हैं। गौ माता के बिना भारत माता अधूरी है। गौ सेवा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पंचगव्य, जिसमें गौ माता का दूध, दही, घी, गोमूत्र एवं गोबर सम्मिलित हैं, को पंचामृत के समान बताते हुए कहा कि यह मानव जीवन के लिए अत्यंत लाभकारी है।

उन्होंने कहा कि जिस घर में गौ माता का वास होता है, वहां की बाधाएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं। सुख, समृद्धि, यश, कीर्ति, वैभव, ऐश्वर्य, शक्ति, बुद्धि, विवेक और संयम इन सभी की प्राप्ति का मार्ग गौ सेवा से होकर जाता है। उन्होंने गौ पालन को समाज और राष्ट्र के लिए अनिवार्य बताया।

पूज्य गुरुदेव ने फिल्म गोदान को भारत की सनातन परंपरा के लिए एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह फिल्म उन सभी लोगों को समर्पित है जो भारत की संस्कृति, गौ माता, भगवान राम, भगवान कृष्ण, गुरु नानक, बुद्ध, कबीर, महावीर और भारत के ऋषि-मुनियों की परंपरा में आस्था रखते हैं। उन्होंने कहा कि भारत केवल कृषि प्रधान देश ही नहीं, बल्कि ऋषि प्रधान राष्ट्र भी है, जहां साधना, संघर्ष और सेवा का केंद्र सदैव गौ माता रही है।

उन्होंने फिल्म गोदान के निर्माता-निर्देशक विनोद चौधरी, मीडिया प्रभारी शांतनु शुक्ला एवं उनकी पूरी टीम को इस सार्थक और साहसिक प्रयास के लिए बधाई दी और कहा कि ऐसी फिल्मों का निर्माण अत्यंत कठिन होता है। इसे सफल बनाना सभी गौ भक्तों, भारत माता के सपूतों और सनातन धर्मावलंबियों का सामूहिक दायित्व है।

अपने उद्बोधन के अंत में उन्होंने गौ माता को प्रणाम करते हुए और भारत माता का वंदन करते हुए सभी से इस फिल्म को समर्थन देने की अपील की और ‘गौ माता की जय’ के उद्घोष के साथ अपनी वाणी को विराम दिया।

Point of View

जिन्होंने गौ माता और भारत माता के बीच की गहरी कड़ी को दर्शाया है। यह दृष्टिकोण न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने गौ माता के बारे में क्या कहा?
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि गौ माता और भारत माता अलग नहीं हैं और गौ सेवा को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया।
फिल्म 'गोदान' कब रिलीज होगी?
फिल्म 'गोदान' 6 फरवरी 2026 को रिलीज होने जा रही है।
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