क्या 'हम' में बगावत हो रही है? जीतन राम मांझी की बहू के खिलाफ उनकी पार्टी की जिला पार्षद सदस्य चुनाव लड़ेंगी!

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क्या 'हम' में बगावत हो रही है? जीतन राम मांझी की बहू के खिलाफ उनकी पार्टी की जिला पार्षद सदस्य चुनाव लड़ेंगी!

सारांश

बिहार के गयाजी में जीतन राम मांझी की पार्टी में बगावत का सिलसिला जारी है। विधानसभा चुनाव की तैयारी में पार्वती देवी ने दीपा मांझी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी दी है। जानिए इस राजनीतिक उथल-पुथल के पीछे की सच्चाई!

Key Takeaways

  • बगावत का दौर जारी है।
  • पार्टी के भीतर आपसी कलह बढ़ रही है।
  • पार्वती देवी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी दी।
  • संतोष सुमन का लोकतंत्र पर बयान।
  • पार्टी में नेतृत्व की अस्थिरता।

गयाजी, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के गयाजी में जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) में बगावत का दौर जारी है। जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं, पार्टी के भीतर की आपसी कलह बढ़ती जा रही है।

हाल ही में 'हम' के प्रदेश महासचिव नंदलाल मांझी को पार्टी से हटा दिया गया है, जबकि गयाजी जिले के इमामगंज प्रखंड की जिला पार्षद सदस्य पार्वती देवी पार्टी की नेता हैं। यहां इमामगंज विधानसभा से जीतन राम मांझी की बहू दीपा मांझी विधायक हैं। 2025 विधानसभा चुनाव में जिला पार्षद सदस्य पार्वती देवी ने इमामगंज से उम्मीदवार बनने की इच्छा व्यक्त की है और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को एक चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि यदि हम पार्टी इमामगंज से टिकट नहीं देती है, तो वह दीपा मांझी के खिलाफ बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी।

इस मुद्दे पर हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि पार्वती देवी को पार्टी की नेता होने के नाते लाभ मिला है। लोकतंत्र में सभी की इच्छाओं का सम्मान होना चाहिए। यदि किसी को चुनाव लड़ने की इच्छा है, तो वह किसी के खिलाफ कहीं भी चुनाव लड़ सकता है। यह सच है कि सभी लोग हमारे साथ नहीं हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को विधायक या पार्टी पसंद नहीं है, तो यह उनकी स्वतंत्र सोच है और इसमें हमें कोई टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है।

Point of View

यह राजनीतिक स्थिति दर्शाती है कि कैसे पार्टी में आंतरिक संघर्ष जनहित के मुद्दों को प्रभावित कर सकता है। नेतृत्व की अस्थिरता और पार्टी के भीतर की बगावतें जनता के विश्वास को कमजोर कर सकती हैं। इस मामले में नेताओं को एकजुट होकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
NationPress
31/08/2025

Frequently Asked Questions

पार्वती देवी ने चुनाव लड़ने का निर्णय क्यों लिया?
पार्वती देवी ने पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर दीपा मांझी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
क्या यह बगावत पार्टी के लिए खतरा हो सकती है?
हां, यह बगावत पार्टी के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकती है और इससे पार्टी की छवि प्रभावित हो सकती है।
संतोष सुमन ने क्या कहा?
संतोष सुमन ने कहा कि लोकतंत्र में सभी की इच्छाओं का सम्मान होना चाहिए और यदि किसी को चुनाव लड़ने की इच्छा है, तो वह स्वतंत्र है।