गाजियाबाद पुलिस मुठभेड़: दुष्कर्म के दो वांछित आरोपी पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने 18 अक्टूबर 2026 को दुष्कर्म के मामले में लंबे समय से वांछित चल रहे दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैरों में गोलियाँ लगीं और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने घटनास्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पुष्टि की है।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
एसीपी उपासना पांडे ने बताया कि देर रात मुखबिर से सूचना मिली कि रेप के मुकदमे में वांछित दो आरोपी जल निगम प्लांट, साजवान नगर के निकट देखे गए हैं। इस सूचना पर थाना विजयनगर की पुलिस टीम ने सोसाइटी के पास बैरियर लगाकर चेकिंग शुरू की।
चेकिंग के दौरान एक बाइक पर सवार दो व्यक्ति साजवान नगर की ओर से आते दिखे। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर दोनों ने भागने की कोशिश की। रास्ता उबड़-खाबड़ होने के कारण बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई
एसीपी पांडे के अनुसार, आरोपियों की ओर से फायरिंग के बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी गोली चलाई, जिसमें दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी। घायल अवस्था में दोनों को तत्काल अस्पताल रवाना किया गया।
आरोपियों की पहचान और बरामदगी
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में चमन कॉलोनी निवासी 48 वर्षीय मुस्तकीम और सिद्धार्थ विहार निवासी 40 वर्षीय प्रदीप शामिल हैं। उनके पास से दो अवैध तमंचे, कारतूस, एक बिना नंबर प्लेट की बाइक और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पिछले दिन की समान घटना
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले, 17 अक्टूबर को गाजियाबाद के भोजपुर इलाके में भी पुलिस मुठभेड़ के बाद 22 वर्षीय वांछित लुटेरे राज उर्फ राजेंद्र पांडे को गिरफ्तार किया गया था, जिस पर ₹10,000 का इनाम घोषित था। उस मामले में भी आरोपी ने पुलिस पर देसी पिस्तौल से गोली चलाई थी और जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी थी। यह दो दिनों में गाजियाबाद में दूसरी ऐसी मुठभेड़ है, जो वांछित अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है।
आगे की कार्रवाई
एसीपी उपासना पांडे ने बताया कि मौके पर शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखी गई है तथा अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है। दोनों आरोपी अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।