क्या गाजियाबाद में एसआईआर प्रक्रिया तेज हो रही है? 55 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज्ड

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क्या गाजियाबाद में एसआईआर प्रक्रिया तेज हो रही है? 55 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज्ड

सारांश

गाजियाबाद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। लगभग 55 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज्ड हो चुके हैं, जबकि 30 प्रतिशत फॉर्म अभी भी कलेक्ट नहीं हुए हैं। सौरभ भट्ट ने नागरिकों से अपील की है कि समय पर फॉर्म जमा करें ताकि किसी को भी मतदान से वंचित न होना पड़े।

मुख्य बातें

गाजियाबाद में एसआईआर प्रक्रिया की गति में तेजी आ रही है।
55 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज्ड हो चुके हैं।
30 प्रतिशत फॉर्म अभी भी कलेक्ट नहीं हुए हैं।
बीएलओ का सहयोग महत्वपूर्ण है।
सीनियर ऑफिसर्स फॉर्मों का सत्यापन कर रहे हैं।

गाजियाबाद, 5 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया गाजियाबाद में तेजी से प्रगति कर रही है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) सौरभ भट्ट ने जानकारी दी कि अब तक जिले में लगभग 55 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज्ड किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 30 प्रतिशत फॉर्म अभी भी संग्रहित नहीं हुए हैं।

एडीएम सौरभ भट्ट ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान बताया कि बीएलओ (बूथ स्तरीय अधिकारी) के साथ एक बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उन फॉर्मों की सूची साझा की जाएगी जो अभी तक कलेक्ट नहीं हुए हैं, ताकि आवश्यक इनपुट दिए जा सकें और फॉर्मों को जल्द से जल्द जमा किया जा सके।

सौरभ भट्ट ने मतदाताओं से भी अपील की है कि जो लोग बीएलओ को फॉर्म वापस नहीं कर पाए हैं, वे इसे भरकर समय पर जमा कर दें ताकि कोई भी मतदाता मतदान से वंचित न रहे।

भट्ट ने बताया कि कुछ क्षेत्रों जैसे शहीद नगर, अर्थला, सद्दुल्लाबाद और आर्य नगर में फॉर्म संग्रहण में दिक्कतें आ रही हैं, जो दिल्ली और नोएडा से सटे हुए हैं। इन क्षेत्रों की पूरी सूची तैयार की जा चुकी है और हर घर में बीएलओ द्वारा सत्यापन किया जा रहा है।

इसके अलावा, 102 सीनियर ऑफिसर्स की ड्यूटी लगाई गई है। इन अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे कम से कम 50 घरों का सत्यापन करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जो फॉर्म संग्रहणीय श्रेणियों में जा रहे हैं, वे सही और पूरी तरह भरे हुए हों।

सौरभ भट्ट ने पूरे जिले के नागरिकों से फिर से कहा है कि यह प्रक्रिया सभी मतदाताओं के लिए अत्यावश्यक है। उनका कहना है कि अगर फॉर्म सही तरीके से नहीं जमा होंगे तो मतदाता अपने अधिकार से वंचित रह सकते हैं, इसलिए उन्होंने जनता से सहयोग और समय पर फॉर्म जमा करने की अपील की है।

गाजियाबाद जिले में फॉर्म डिजिटाइजेशन और संग्रहण की प्रक्रिया अच्छी गति से चल रही है, लेकिन अभी भी कुछ क्षेत्रों में काम बाकी है। बीएलओ, राजनीतिक पार्टियाँ और सीनियर ऑफिसर्स मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी फॉर्म सही और समय पर जमा हों, ताकि कोई भी मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

फॉर्म जमा करने में देरी चिंता का विषय है, जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद में एसआईआर प्रक्रिया क्या है?
यह प्रक्रिया मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए लागू की जाती है।
फॉर्म डिजिटाइजेशन का क्या महत्व है?
फॉर्म डिजिटाइजेशन से प्रक्रिया में तेजी आती है और डेटा प्रबंधन में सुधार होता है।
क्या सभी मतदाता समय पर फॉर्म जमा कर पा रहे हैं?
नहीं, लगभग 30 प्रतिशत फॉर्म अभी भी कलेक्ट नहीं हुए हैं।
इस प्रक्रिया में सीनियर ऑफिसर्स की भूमिका क्या है?
सीनियर ऑफिसर्स का कार्य फॉर्मों का सत्यापन करना और प्रक्रिया का निरीक्षण करना है।
राष्ट्र प्रेस
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