वापी हत्याकांड: पत्नी सीमा को चाकू से मारने वाला पति परेश कंटारिया गिरफ्तार, 4 साल से चल रहा था विवाद
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के वापी शहर के छरवाड़ा इलाके की साईं संस्कार सोसायटी में दिनदहाड़े एक महिला की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पीड़िता की पहचान सीमा के रूप में हुई है, जो ब्यूटी पार्लर चलाती थी। वापी डुंगरा पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हत्यारोपी कोई और नहीं, बल्कि मृतका का पति परेश कंटारिया ही निकला, जिसे घटनास्थल से फरार होने के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
घटना उस समय की है जब सीमा अपने घर से ब्यूटी पार्लर जाने के लिए निकली थीं। जैसे ही वह अपनी सोसायटी की बिल्डिंग के नीचे पहुँचीं, आरोपी परेश कंटारिया ने धारदार चाकूनुमा हथियार से उन पर जानलेवा हमला कर दिया। यह हमला सोसायटी के बीचों-बीच, सरेआम किया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय निवासियों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही डुंगरा पुलिस मौके पर पहुँची और फरार हो रहे आरोपी परेश कंटारिया को घटनास्थल के नज़दीक से ही गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की जाँच में क्या सामने आया
पुलिस उपाधीक्षक बी.एम. दवे ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी परेश कंटारिया मृतका सीमा का पति था। दोनों ने प्रेम विवाह किया था और उनका एक बच्चा भी है। हालाँकि, पिछले चार वर्षों से दोनों के बीच गंभीर वैवाहिक विवाद चल रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने इससे पहले भी सीमा पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया था, जिस पर एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज हुई थी और उसे गिरफ्तार भी किया गया था। इन विवादों के चलते दोनों अलग-अलग रहते थे — सीमा साईं संस्कार सोसायटी में रह रही थी।
कोर्ट केस और भरण-पोषण का विवाद
पुलिस की जाँच में यह भी सामने आया कि दोनों के बीच का मामला न्यायालय में विचाराधीन था। सीमा ने अपने पति परेश कंटारिया से भरण-पोषण के लिए बड़ी रकम की माँग की थी, जो उनके बीच लगातार झगड़े की वजह बनी हुई थी।
पुलिस उपाधीक्षक दवे के अनुसार, घटना वाले दिन परेश सीमा के घर आया था। वहाँ दोनों के बीच कोर्ट में चल रहे मामले को लेकर तीखी बहस हुई। इसी बहस के दौरान गुस्से में आए आरोपी ने धारदार हथियार से सोसायटी परिसर में ही पत्नी पर हमला कर उसकी हत्या कर दी।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद डुंगरा पुलिस आगे की जाँच में जुटी हुई है। यह मामला घरेलू हिंसा के उस गंभीर पहलू को उजागर करता है जहाँ पुराने विवाद और न्यायिक प्रक्रियाएँ चलते हुए भी पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पाई। गौरतलब है कि आरोपी के खिलाफ पहले से एक एफआईआर दर्ज थी और वह गिरफ्तारी भी झेल चुका था, फिर भी यह हत्याकांड नहीं रोका जा सका। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और अदालत में आगे का कानूनी कदम उठाने की तैयारी में है।