क्या हिमाचल में हुई भारी बर्फबारी से बागवानों और किसानों को राहत मिली?
सारांश
Key Takeaways
- हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी से बागवानों को राहत मिली।
- सड़कों की बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है।
- मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने संसाधनों के पारदर्शिता पर जोर दिया।
शिमला, २४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश में लंबे अंतराल के बाद हुई भारी बर्फबारी ने बागवानों, किसानों और राज्य की अर्थव्यवस्था को एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इस बर्फबारी से सेब, अन्य फलों और कृषि उत्पादों को लाभ होगा, क्योंकि सूखे के कारण फसलें प्रभावित हो रही थीं।
इस भारी बर्फबारी के चलते प्रदेश में यातायात और बिजली की आपूर्ति पर असर पड़ा है। वर्तमान में लगभग १,२९१ सड़कें बंद हैं और करीब ४,८०० बिजली ट्रांसफार्मर ठप्प हो गए हैं। लोक निर्माण विभाग ने सड़कों को शीघ्र खोलने के लिए युद्धस्तर पर काम करना शुरू कर दिया है। विभाग ने ३८५ मशीनें तैनात की हैं, जिनमें जेसीबी, डोजर और स्नो ब्लोअर शामिल हैं।
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि बर्फबारी की संभावना को ध्यान में रखते हुए पहले से ही उच्च क्षेत्रों में मशीनरी की तैनाती की योजना बनाई गई थी। विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। अब मॉनिटरिंग सेल लगातार ग्राउंड रिपोर्ट ले रहा है और सड़कों की बहाली का काम तेज गति से चल रहा है।
उन्होंने कहा कि २४ जनवरी को ६२५, २५ जनवरी को २९० और २६-२७ जनवरी तक ३२४ सड़कों को खोलने का लक्ष्य रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त मशीनें लगाई जाएंगी।
मंत्री ने मशीनरी की तैनाती को पारदर्शी बताया और कहा कि संसाधनों का कोई दुरुपयोग नहीं होगा। उन्होंने पूर्व सरकारों में बर्फ हटाने के नाम पर हुए भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि अब ऐसी किसी भी गलती को नहीं होने दिया जाएगा।
पर्यटकों से अपील करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वे सभ्य व्यवहार रखें और देव संस्कृति के खिलाफ कोई गतिविधि न करें। कुछ वायरल वीडियो पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य समाज के लिए गलत संदेश देते हैं और पुलिस को ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने पर्यटकों से पैनिक न करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।