हिमाचल भाजपा ने पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 15 अक्टूबर 2026 को प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल की अध्यक्षता में प्रदेश पदाधिकारियों की एक वर्चुअल बैठक आयोजित की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को रेखांकित करते हुए सर्वसम्मति से एक व्यापक राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया गया। '25 साल सेवा, सुशासन और समर्पण — राष्ट्र प्रथम से विकसित भारत तक' शीर्षक वाले इस प्रस्ताव के ज़रिए प्रदेश BJP ने मोदी के नेतृत्व, गरीब कल्याण और राष्ट्रीय विकास के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की।
बैठक में कौन-कौन रहे शामिल
वर्चुअल बैठक में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, पार्टी के सभी सांसद, विधायक और प्रदेश पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ, जो संगठनात्मक एकजुटता का संकेत माना जा रहा है।
25 साल की यात्रा: मुख्य तथ्य
प्रदेश अध्यक्ष बिंदल ने बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण कर अपनी सरकारी सेवा आरंभ की थी। 7 अक्टूबर 2026 को इस यात्रा के 25 वर्ष पूरे हो गए।
बिंदल के अनुसार, मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 12 वर्ष से अधिक और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में 12 वर्ष से अधिक की सेवा दी है। उन्होंने कहा, 'ये 25 साल केवल सार्वजनिक पद धारण करने की अवधि नहीं हैं, बल्कि शासन को जनसेवा के साधन में बदलने की एक उल्लेखनीय यात्रा है।'
प्रस्ताव की मुख्य बातें
बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 'सत्ता को सेवा में, सार्वजनिक पद को जिम्मेदारी में, नीतियों को ठोस परिणामों में और जनभागीदारी को राष्ट्रीय शक्ति में बदलने का काम किया है।' प्रदेश BJP ने अपने प्रस्ताव में यह भी रेखांकित किया कि हिमाचल प्रदेश को मोदी के नेतृत्व में विशेष विकासात्मक सहयोग प्राप्त हुआ है।
पार्टी ने प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्र की निरंतर सेवा के लिए शुभकामनाएँ भी दीं। गौरतलब है कि यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब BJP राष्ट्रीय स्तर पर अपने नेतृत्व की उपलब्धियों को संगठनात्मक रूप से रेखांकित करने में जुटी है।
हिमाचल प्रदेश के संदर्भ में महत्त्व
हिमाचल प्रदेश में फिलहाल कांग्रेस की सरकार है और BJP विपक्ष में है। इस वर्चुअल बैठक को प्रदेश BJP द्वारा संगठन को सक्रिय रखने और केंद्रीय नेतृत्व के साथ तालमेल बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। बिंदल ने कहा कि मोदी का शासन दर्शन 'केवल कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों, विशेष रूप से गरीब और वंचितों के जीवन में सार्थक बदलाव लाने पर केंद्रित है।'
आगे क्या
प्रदेश BJP के इस कदम के बाद अन्य राज्य इकाइयाँ भी इसी तर्ज पर प्रस्ताव पारित कर सकती हैं, जो BJP के राष्ट्रव्यापी संगठनात्मक अभियान का हिस्सा हो सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में हिमाचल में BJP जनसंपर्क अभियान को और तेज़ करने की योजना है।