क्या मजबूत जीडीपी के पीछे अगली पीढ़ी के सुधार और व्यापक आर्थिक स्थिरता है?: संजीव सान्याल

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क्या मजबूत जीडीपी के पीछे अगली पीढ़ी के सुधार और व्यापक आर्थिक स्थिरता है?: संजीव सान्याल

सारांश

भारत ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का प्रदर्शन किया है। संजीव सान्याल ने बताया कि यह वृद्धि निरंतर आपूर्ति पक्ष सुधार और आर्थिक स्थिरता का परिणाम है। जानें इस सफलता के पीछे की कहानी!

Key Takeaways

  • भारत ने 8.2 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर्ज की है।
  • आपूर्ति पक्ष सुधार और आर्थिक स्थिरता महत्वपूर्ण हैं।
  • अगली पीढ़ी के सुधारों की आवश्यकता है।
  • हर क्षेत्र ने विकास में योगदान दिया है।
  • लचीला नीति-निर्माण दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में उल्लेखनीय जीडीपी वृद्धि दर्ज की है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी) के सदस्य सानजीव सान्याल ने शनिवार को कहा कि मजबूत आर्थिक प्रदर्शन के पीछे मुख्य प्रेरक शक्ति निरंतर आपूर्ति पक्ष सुधार और व्यापक आर्थिक स्थिरता है।

भारत की वास्तविक जीडीपी वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में यह 5.6 प्रतिशत थी।

सान्याल ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि जीडीपी में सुधार के पीछे मुख्य कारण आपूर्ति पक्ष का कुशल प्रबंधन है, यानी निरंतर आपूर्ति-पक्ष सुधार और व्यापक आर्थिक स्थिरता।

उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार को देखते हुए हमें अगली पीढ़ी के सुधारों को जारी रखना चाहिए। जैसा कि मैंने उल्लेख किया है, हमने हाल ही में जीएसटी स्लैब के सरलीकरण जैसे और सुधार लागू किए हैं।

सान्याल ने आगे कहा कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में दर्ज की गई 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर वास्तव में बहुत मजबूत है, यहां तक कि मेरी अपेक्षाओं से भी कुछ अधिक है। खास बात यह है कि यह वृद्धि अर्थव्यवस्था को ज्यादा प्रभावित किए बिना हासिल की गई है।

उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था का प्रत्येक क्षेत्र देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्राथमिक क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में साल-दर-साल 3.1 प्रतिशत की वास्तविक जीवीए वृद्धि दर दर्ज की। इसी प्रकार द्वितीयक (8.1 प्रतिशत) और तृतीयक क्षेत्र (9.2 प्रतिशत) ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर को बढ़ावा दिया है।

अमेरिकी टैरिफ को लेकर उन्होंने कहा कि भारत पर इसका प्रभाव सीमित है। उन्होंने कहा कि भारत पर इसका ज्यादा असर नहीं हुआ है क्योंकि पिछले एक दशक से हम सुधारों को लागू करते आ रहे हैं, और अब भी हम चुनौतियों का सक्रियता से प्रबंधन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब भी कोई बाधा आती है, हम उसका समाधान ढूंढ लेते हैं। इस लचीले नीति-निर्माण दृष्टिकोण ने हमें आगे बढ़ते रहने में मदद की है।

Point of View

बल्कि भविष्य की संभावनाओं को भी उजागर करता है।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

भारत की जीडीपी वृद्धि दर क्या है?
भारत की जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत है।
आपूर्ति पक्ष सुधार का अर्थ क्या है?
आपूर्ति पक्ष सुधार का अर्थ है उत्पादन प्रक्रियाओं और आपूर्ति श्रृंखला को सुधारना ताकि आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
जीएसटी स्लैब का सरलीकरण क्या है?
जीएसटी स्लैब का सरलीकरण का मतलब है जीएसटी दरों को सरल बनाना ताकि व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए यह सहूलियत हो।
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