क्या प्रधानमंत्री मोदी रायपुर में 60वें डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन में शामिल होंगे?
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी का छत्तीसगढ़ में दूसरा दौरा
- 60वां डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन में महत्वपूर्ण चर्चाएं
- आंतरिक सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित
- बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू
- सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की गई
रायपुर, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार की शाम को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे। वह 60वें डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन में भाग लेने के लिए आए हैं। यह उनके लिए इस राज्य का दूसरा दौरा है, और यह पहली बार है कि वह लगातार तीन दिनों तक यहां रहेंगे।
कर्नाटक और गोवा में विभिन्न कार्यक्रमों के बाद, प्रधानमंत्री मोदी लगभग 7 बजे स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा (माना) पहुंचे, जहां उनका स्वागत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, राज्यपाल रमन डेका, उप-मुख्यमंत्रियों अरुण साव और विजय शर्मा तथा कई कैबिनेट मंत्रियों ने किया।
प्रधानमंत्री मोदी नया रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) परिसर में पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों (डीजीपी-आईजीपी) के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन में शामिल होंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस तीन दिवसीय सम्मेलन (28-30 नवंबर) का औपचारिक उद्घाटन किया, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, आईबी निदेशक तपन डेका, गृह सचिव गोविंद मोहन और सभी राज्य पुलिस बलों तथा केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुख शामिल थे।
इस दौरान रायपुर को एक किले में परिवर्तित कर दिया गया है, जहां विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी), एनएसजी कमांडो, सीआरपीएफ और राज्य पुलिस द्वारा बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिसमें ड्रोन निगरानी और यातायात डायवर्जन भी शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी 29-30 नवंबर को सम्मेलन के व्यावसायिक और समापन सत्रों की अध्यक्षता करेंगे।
इस दौरान चर्चा महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों पर केंद्रित होगी, जिसमें बस्तर में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) का मुकाबला करना शामिल है, जहां हाल के संयुक्त अभियानों ने नक्सलियों को समाप्त करने में मदद की है। इसके साथ ही साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, सीमा प्रबंधन और नए आपराधिक कानून भी चर्चा में रहेंगे।
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि कर्नाटक और गोवा में दो कार्यक्रमों के बाद, वह डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। भारत की सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के तरीकों पर शीर्ष अधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा होगी।