हैदराबाद में बीएमडब्ल्यू चालक ने चालान से बचने के लिए रिमोट फ्लिप नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया, गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- बीएमडब्ल्यू चालक ने चालान से बचने के लिए रिमोट कंट्रोल नंबर प्लेट का प्रयोग किया।
- पुलिस ने इस तकनीक का खुलासा किया और चालक को गिरफ्तार किया।
- सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी है।
- पिछले दो दिनों में 466 शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले दर्ज हुए हैं।
- नशे में गाड़ी चलाना एक गंभीर अपराध है जिसके लिए सजा का प्रावधान है।
हैदराबाद, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हैदराबाद में ट्रैफिक पुलिस ने एक बीएमडब्ल्यू चालक को तब गिरफ्तार किया, जब उसने कथित तौर पर चालान से बचने के लिए अपनी कार की नंबर प्लेट में एक अत्याधुनिक प्रणाली का इस्तेमाल किया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शनिवार रात जुबली हिल्स के पॉश इलाके में शराब पीकर गाड़ी चलाने के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चेकिंग के दौरान इस चालाकी का खुलासा हुआ।
पुलिस ने बताया कि गाड़ी का मालिक चालान से बचने के लिए रिमोट कंट्रोल वाली फ्लिप नंबर प्लेट का प्रयोग कर रहा था, जिससे वह एक बटन दबाकर अपनी कार का रजिस्ट्रेशन नंबर बदल सकता था।
ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों को कार में यह एडवांस सिस्टम देखकर आश्चर्य हुआ। आरोपित ने चालान से बचने के लिए दिल्ली और तेलंगाना की दो नंबर प्लेटें लगाई थीं।
यह घटना अपने आप में अनोखी है, जिसमें किसी कार में नंबर प्लेट बदलने के लिए एक हाईटेक सिस्टम पाया गया है। पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर लिया है और इस मामले में जांच जारी है।
इसी बीच, हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने रविवार को जानकारी दी कि पिछले दो दिनों में शराब पीकर गाड़ी चलाने के कुल 466 मामले दर्ज किए गए हैं। सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है, जिसमें से अधिकांश मामले दोपहिया वाहनों (404) से जुड़े हैं। सबसे अधिक उल्लंघन 21-30 आयु वर्ग में पाए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि 16 व्यक्तियों को दोषी ठहराया गया और उन्हें जेल की सजा सुनाई गई।
इसके अलावा, साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस (सीटीपी) ने सप्ताहांत में शराब पीकर गाड़ी चलाने के खिलाफ विशेष अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप 240 आरोपियों को पकड़ा गया।
इस अभियान के दौरान कुल 193 दोपहिया, नौ तिपहिया और 38 चारपहिया वाहन जब्त किए गए। सभी को उनके रक्त में अल्कोहल की मात्रा (बीएसी) के स्तर के आधार पर वर्गीकृत किया गया। 199 दोषियों का बीएसी स्तर 36 एमजी/100 एमएल से 200 एमजी/100 एमएल के बीच था, जबकि 32 का बीएसी स्तर 201 एमजी/100 एमएल से 300 एमजी/100 एमएल के बीच था। बाकी बचे नौ दोषियों के बीएसी स्तर 301 एमजी/100 एमएल से 550 एमजी/100 एमएल के बीच थे।
साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि सभी को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस ने फिर से यह कहा कि शराब के नशे में गाड़ी चलाना एक गंभीर अपराध है। यदि कोई व्यक्ति नशे में गाड़ी चलाते हुए पाया जाता है और उसके कारण कोई जानलेवा हादसा होता है, तो ऐसे व्यक्तियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। इस धारा के तहत अधिकतम सजा 10 साल की जेल और जुर्माना हो सकता है।